सुक्खू सरकार का उच्च शिक्षा संकल्प, अब आर्थिक बाधा नहीं बनेगी सपनों की दीवार

Edited By Jyoti M, Updated: 09 Feb, 2026 09:36 AM

sukhhu government s commitment to higher education

किसी होनहार विद्यार्थी का सपना सबसे अधिक तब आहत होता है, जब योग्यता होते हुए भी आर्थिक सीमाएं उसकी राह में दीवार बनकर खड़ी हो जाती हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बच्चों और अभिभावकों की इस पीड़ा को न केवल समझा है, बल्कि यह भी...

ऊना। किसी होनहार विद्यार्थी का सपना सबसे अधिक तब आहत होता है, जब योग्यता होते हुए भी आर्थिक सीमाएं उसकी राह में दीवार बनकर खड़ी हो जाती हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बच्चों और अभिभावकों की इस पीड़ा को न केवल समझा है, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया है कि प्रदेश का कोई भी प्रतिभाशाली छात्र केवल पैसों के अभाव में अपनी उच्च शिक्षा अधूरी न छोड़े।

इसी संवेदनशील और विद्यार्थी-केंद्रित सोच का परिणाम है डॉ. यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना, जो आज हिमाचल प्रदेश के युवाओं को सपने देखने ही नहीं, उन्हें साकार करने का आत्मविश्वास भी दे रही है।

कम ब्याज और बड़ा सहारा

वर्ष 2023 में प्रारंभ की गई यह योजना उन मेधावी विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित हो रही है, जिनकी उच्च शिक्षा की राह आर्थिक संसाधनों के अभाव में बाधित हो रही थी। योजना के तहत प्रदेश सरकार द्वारा 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण मात्र 1 प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध करवाया जा रहा है। इस ऋण राशि का उपयोग ट्यूशन फीस, हॉस्टल शुल्क, भोजन तथा अन्य शैक्षणिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए किया जा सकता है।

आय सीमा बढ़ी, अवसरों का दायरा हुआ विस्तृत

ऊना जिला के उप निदेशक उच्चतर शिक्षा अनिल कुमार ने बताते हैं कि पहले इस योजना के अंतर्गत लाभार्थी परिवार की वार्षिक आय सीमा 4 लाख रुपये निर्धारित थी, जिसे अब बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दिया गया है। उनका कहना है कि इस निर्णय से मध्यम वर्ग के कहीं अधिक विद्यार्थी योजना के दायरे में आएंगे और उच्च शिक्षा के अपने सपनों को साकार कर सकेंगे। वर्तमान में ऊना जिला के तीन विद्यार्थी इस योजना के अंतर्गत देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

ये है पात्रता और आवेदन प्रक्रिया

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। इसके साथ ही पिछली कक्षा में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक तथा अधिकतम आयु सीमा 28 वर्ष निर्धारित की गई है। योजना के अंतर्गत मेडिकल, फार्मेसी, नर्सिंग, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट सहित विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रम शामिल किए गए हैं।

आवेदन प्रक्रिया को पूर्णतः डिजिटल, सरल और पारदर्शी बनाया गया है। इच्छुक विद्यार्थी उप निदेशक उच्चतर शिक्षा ऊना की वेबसाइट www.ddheuna.in अथवा डायरेक्टर स्कूल शिक्षा शिमला की वेबसाइट से प्रपत्र-2 डाउनलोड कर सकते हैं। भरा हुआ प्रपत्र किसी भी कार्यदिवस में उप निदेशक उच्चतर शिक्षा कार्यालय, ऊना में जमा करवाया जा सकता है।

हर पात्र विद्यार्थी तक लाभ पहुंचाने को प्रशासन संकल्पबद्ध

इस संबंध में उपायुक्त ऊना जतिन लाल का कहना है कि यह योजना प्रदेश सरकार की विद्यार्थी-केंद्रित सोच का सशक्त उदाहरण है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार जिला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि सभी पात्र विद्यार्थियों को योजना का लाभ सरल, पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से मिले, ताकि कोई भी योग्य छात्र जानकारी या प्रक्रिया के अभाव में पीछे न रह जाए।

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