कोरोना काल में विद्युत विभाग का अमानवीय चेहरा, फील्ड में झोंक दी दिव्यांग महिला कर्मी

Edited By Vijay, Updated: 20 May, 2020 08:21 PM

divyang female employee sent to work in the corona amid

कोरोना काल में हिमाचल सरकार के सबसे कमाऊ महकमे का अमानवीय चेहरा उजागर हुआ है। मामला मंडी जिला के विद्युत उपमंडल गोहर का है जहां पर हर विद्युत विभाग ने कोरोना काल में एक दिव्यांग महिला कर्मी को फील्ड में झोंक दिया है और अब दिव्यांग महिला इस कार्य को...

गोहर (ब्यूरो): कोरोना काल में हिमाचल सरकार के सबसे कमाऊ महकमे का अमानवीय चेहरा उजागर हुआ है। मामला मंडी जिला के विद्युत उपमंडल गोहर का है जहां पर हर विद्युत विभाग ने कोरोना काल में एक दिव्यांग महिला कर्मी को फील्ड में झोंक दिया है और अब दिव्यांग महिला इस कार्य को करने के लिए पूरे परिवार के साथ फील्ड में उतरी है। महिला की सुरक्षा के लिए उसका दिव्यांग पति तथा बेटी सरकारी काम में हाथ बंटा रहे हैं।

दिव्यांग महिला कर्मी को 13 हजार के करीब उपभोक्ताओं के बिजली के बिल का कैश एकत्रित करने को तैनात कर रखा है। कर्मी की बेटी कैश इकट्ठा करती पाई गई जबकि महिला का दिव्यांग पति बिल जमा करने आए उपभोक्ताओं में सोशल डिस्टैंसिंग बनाने में जूझता पाया गया। दिव्यांग महिला कर्मचारी कुंता देवी ने बताया कि वह विद्युत मंडल गोहर के अंतर्गत सब डिवीजन गोहर में बतौर सीनियर असिस्टैंट कार्यरत है और शारीरिक तौर से 83 फीसदी दिव्यांग है। उन्होंने कहा कि कार्यालय में सब कार्य करती हूं लेकिन फील्ड में ड्यूटी लगने से भारी कठिनाइयां आ रही हैं। लॉकडाऊन में बसों की सुविधा नहीं है, विभाग के अधिकारी कभी-कभार सरकारी जीप या ट्रक में छोड़ देते हैं लेकिन अधिकतर समय आने-जाने के लिए जुगाड़ करना पड़ रहा है।

महिला ने बताया कि सरकारी ट्रक में दोनों हाथों से दिव्यांग होने के कारण ट्रक पर चढ़ नहीं पाती हूं जिस कारण फील्ड में जाने के लिए 300 रुपए खर्च कर टैक्सी से जा रही हूं। उन्होंने कहा कि उसे फील्ड में काऊंटर लगाने के लिए कार्यालय से टेबल कुर्सी ले जानी पड़ती है। उन्होंने विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग है कि उन्हें एक कर्मचारी साथ दें ताकि वह कैश की जिम्मेदारी ले सके। दिव्यांग होने के कारण कैश की सिक्योरिटी करना उनके लिए खतरे से कम नहीं है। जानकारी के अनुसार उपमंडल गोहर के गणेश चौक काऊंटर के अंतर्गत 273 उपभोक्ता हैं, जिनमें से 223 ने काऊंटर पर कैश जमा करवाया है और 2 लाख रुपए से अधिक की वसूली हुई है।

विद्युत मंडल गोहर के अधिशासी अभियंता नरेंद्र कुमार ठाकुर से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने बताया कि महिला कर्मचारी दोनों हाथ से दिव्यांग है और जिस कर्मी के साथ इन्हें भेजने के आदेश हुए हैं, उनकी माता का निधन हुआ। मामला सामने आने पर एसडीओ गोहर को समाधान करने के आदेश जारी कर दिए हैं।

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