Kangra: संस्थान बंद करने में ही निकल गए सरकार के 3 साल : जयराम

Edited By Kuldeep, Updated: 31 Oct, 2025 10:11 PM

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पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में अब भी आपदा अधिनियम लागू है लेकिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आपदा पीड़ितों को राहत पहुंचाने की बजाय बिहार चुनाव में व्यस्त हैं।

धर्मशाला (जिनेश): पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में अब भी आपदा अधिनियम लागू है लेकिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आपदा पीड़ितों को राहत पहुंचाने की बजाय बिहार चुनाव में व्यस्त हैं। जयराम ने कहा कि सुक्खू के तीन साल का कार्यकाल राज्य में संस्थान बंद करने में ही बीत गया है। उनकी सरकार के समय शुरू हिमकेयर, जनमंच व सहारा जैसी कई योजनाएं बंद कर दी गईं, लेकिन खुद कोई भी काम शुरू नहीं कर सके हैं।

धर्मशाला में शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री गारंटियों को लेकर बिहार की जनता के साथ भी झूठ बोल रहे हैं। सुक्खू कह रहे हैं कि हिमाचल में कांग्रेस ने सभी गारंटियां पूरी कर दी हैं, लेकिन तीन साल में एक भी गारंटी पूरी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश में आपदा अधिनियम की आड़ लेकर केवल पंचायती व नगर निकाय चुनावों को टालने का काम किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के पास अब दो साल ही बचे हैं। यह सरकार अपना कार्यकाल पूरा कर पाती है, यह भी तय नहीं है, क्योंकि इस सरकार की कार्यप्रणाली से इनके अपने ही लोग खासे नाराज हैं।

जयराम ने कहा कि कांग्रेस को एक साल बाद भी नया अध्यक्ष ही नहीं मिल पाया है। हर दिन किसी न किसी का नाम अध्यक्ष पद की रेस में चला रहता है। उन्होंने कहा कि सुक्खू कहते हैं कि प्रदेश भाजपा में सब ठीक नहीं चल रहा है, लेकिन भाजपा पूरी तरह एकजुट है।

धर्मशाला में सीयू परिसर नहीं चाहती सरकार, इसलिए 30 करोड़ नहीं दे रही
जयराम ठाकुर ने कहा कि धर्मशाला में सैंट्रल यूनिवर्सिटी के कैंपस के लिए हमारी सरकार ने सारी कार्रवाई पूरी कर दी थी। वन क्षतिपूर्ति के सरकार को मात्र 30 करोड़ रुपए जमा करने हैं, जिससे विश्वविद्यालय परिसर का निर्माण शुरू हो सके लेकिन यह सरकार 30 करोड़ रुपए तीन साल बीतने के बाद भी जमा नहीं कर रही है।

पर्यटन गांव के नाम पर कृषि विवि की जमीन बेचने का प्रयास
पर्यटन गांव के नाम पर पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय की जमीन का 40 हैक्टेयर हिस्सा बेचने का प्रयास किया गया। इसके खिलाफ पालमपुर विश्वविद्यालय से जुड़े पूर्व छात्रों व अन्यों ने न्यायालय में अपील की व इस कवायद पर रोक लगी, लेकिन वर्तमान सरकार सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रही है। वहीं धर्मशाला में यूनिटी मॉल, अंतर्राष्ट्रीय कन्वैंशन सैंटर का काम अधर में है। कांगड़ा को पर्यटन राजधानी बनाने के नाम पर महज बयानबाजी हुई है।

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