Edited By Kuldeep, Updated: 07 Mar, 2026 06:24 PM

हिमाचल प्रदेश में अब बोर्ड परीक्षाओं के दौरान हर केंद्र पर होने वाली गतिविधियों की सीधी निगरानी बोर्ड मुख्यालय से की जाएगी।
धर्मशाला (सुनील): हिमाचल प्रदेश में अब बोर्ड परीक्षाओं के दौरान हर केंद्र पर होने वाली गतिविधियों की सीधी निगरानी बोर्ड मुख्यालय से की जाएगी। इसके लिए 'एग्जाम मित्र एप' का इस्तेमाल अब सभी सुपरिटैंडैंट और डिप्टी सुपरिंटैंडैंट के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। इस एप के जरिए परीक्षा केंद्रों से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी रियल-टाइम (तुरंत) अपडेट करनी होगी। इस डिजिटल व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि परीक्षा के दौरान होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि या लापरवाही को तुरंत पकड़ा जा सकेगा, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। इस नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए निगरानी का एक सख्त ढांचा तैयार किया गया है। रिपोर्टिंग में किसी भी तरह की देरी या कोताही न हो, इसकी जिम्मेदारी सैंटर को-आर्डीनेटरों (केंद्र समन्वयकों) को सौंपी गई है।
उन्हें यह विशेष अधिकार दिया गया है कि वे एप पर होने वाली अपडेट्स की निगरानी करें और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की सीधे रिपोर्ट करें। इस त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे और तकनीक के समावेश से बोर्ड परीक्षाओं के स्तर में सुधार आने और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ने की उम्मीद है।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा का कहना है कि परीक्षाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए 'एग्जाम मित्र एप' एक प्रभावी हथियार है। मैन्युअल रिपोर्टिंग की देरी और गड़बड़ियों को खत्म करने के लिए तकनीक का यह बदलाव अब अनिवार्य है, जिसे सभी अधिकारियों को गंभीरता से अपनाना होगा