Edited By Kuldeep, Updated: 17 Mar, 2026 11:23 PM

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड अब अपने परीक्षा परिणामों को और भी बेहतर और हाईटैक बनाने जा रहा है। अब बोर्ड का सारा काम ऑनलाइन पोर्टल के जरिए 'डिजिटल मोड' में होगा।
धर्मशाला (सुनील): हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड अब अपने परीक्षा परिणामों को और भी बेहतर और हाईटैक बनाने जा रहा है। अब बोर्ड का सारा काम ऑनलाइन पोर्टल के जरिए 'डिजिटल मोड' में होगा। इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट तैयार करने में अब कोई मानवीय गलती नहीं होगी और परिणाम भी समय पर घोषित किए जा सकेंगे। हाल ही में बोर्ड मुख्यालय में इसे लेकर एक विशेष वर्कशॉप हुई, जिसमें अधिकारियों को इस नए सिस्टम की बारीकियां सिखाई गईं। इस तकनीक के आने से 10वीं, 12वीं और ओपन बोर्ड के छात्रों का डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और रिजल्ट निकालने की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।
छात्रों काे बोर्ड के चक्करों से मिलेगा छुटकारा
इस डिजिटल छलांग का सबसे बड़ा लाभ प्रदेश के लाखों छात्रों को मिलेगा। अक्सर रिजल्ट में छोटी-मोटी तकनीकी त्रुटियों के कारण छात्रों को बोर्ड के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल से परिणाम पूरी तरह 'त्रुटिहीन' होंगे। साथ ही डिजिटल प्रोसैसिंग की वजह से रिजल्ट घोषित करने में लगने वाला समय भी काफी कम हो जाएगा।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा का कहना है कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड अब अपनी कार्यप्रणाली को पूरी तरह आधुनिक और डिजिटल बनाने की दिशा में आगे बढ़ गया है। बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों को सटीक, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए अब सारा काम 'डिजिटल मोड' में किया जाएगा। साल 2025 से ही पोर्टल पर डेटा डालने का काम शुरू कर दिया है। अब 2026 की परीक्षाओं में इस नई तकनीक का पूरा फायदा मिलेगा। विशेषज्ञों के सुझावों को लागू किया जा रहा है, ताकि छात्रों को सटीक और बिना किसी त्रुटि के रिजल्ट मिल सके। बोर्ड अब तकनीकी रूप से पहले से ज्यादा मजबूत होगा।