​Kangra: भारत मां का एक और लाल शहीद, सूबेदार रीपिम चौधरी को दी सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई

Edited By Kuldeep, Updated: 22 Mar, 2026 10:50 PM

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उपमंडल धीरा के अंतर्गत पंचायत देवी के रहने वाले शहीद रीपिम चौधरी (45) को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। रीपिम 3 डोगरा रैजीमैंट में सूबेदार पद पर सिक्किम की बर्फीली पहाड़ियों में चाइना बाॅर्डर पर तैनात थे।

डरोह (अजय): उपमंडल धीरा के अंतर्गत पंचायत देवी के रहने वाले शहीद रीपिम चौधरी (45) को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। रीपिम 3 डोगरा रैजीमैंट में सूबेदार पद पर सिक्किम की बर्फीली पहाड़ियों में चाइना बाॅर्डर पर तैनात थे। वर्ष सितम्बर 2024 में ड्यूटी के दौरान उन्हें जीभ में बर्फ लगने से संक्रमण बढ़ गया था। जिसके बाद उन्हें कमांड अस्पताल कोलकाता में इलाज के लिए एडमिट कराया गया, जहां उनका ऑप्रेशन हुआ था। ऑप्रेशन के बाद भी उनकी हालत में कोई सुधार नही हुआ। जिसके बाद उन्हें दोबारा इलाज के लिए कमांड अस्पताल चंडीगढ़ में भर्ती किया गया। पिछले 10 महीनों से उनका इलाज यहीं अस्पताल में चल रहा था, इसी बीच शनिवार रात को उन्होंने दम तोड़ दिया। तिरंगे में लिपटा उनका पार्थिव शरीर रविवार को उनके पैतृक गांव देवी में लाया गया, जहां उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिवार के लोग जुटे।

रीपिम की पत्नी अंजना ने नम आंखों से रीपिम को अंतिम विदाई दी। इस दौरान लोगों ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी और भारत माता की जय के नारे भी लगाए। सूबेदार रीपिम चौधरी वर्ष 1998 में 3 डोगरा रैजीमैंट में भर्ती हुए थे और 27 वर्षों से देश सेवा कर रहे थे। अगले वर्ष जनवरी में वह सेवानिवृत्त होने वाले थे, किंतु भगवान को कुछ और ही मंजूर था। ड्यूटी के दौरान वह ऐसे बीमार हुए कि फिर ठीक नहीं हो पाए। करीब डेढ़ वर्ष से वह बर्फ के संक्रमण से जूझ रहे थे। देश सेवा में अपना जीवन समर्पित करने वाले रीपिम चौधरी के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके पार्थिव शरीर को भेडू महादेव के श्मशानघाट लाया गया, जहां उनके छोटे बेटे दक्ष ने उनको मुखाग्नि दी। इस दौरान सेना के जवानों ने कई राऊंड फायरिंग कर उन्हें सलामी दी।

देश सेवा में परिवार का अमूल्य योगदान
रीपिम चौधरी के परिवार का देश सेवा में विशेष योगदान रहा है। उनके परिवार से करीब आधा दर्जन लोग देश सेवा में समर्पित हैं। रीपिम चौधरी के पिता स्वर्गीय रमेश चंद भारतीय सेना की सिगनल रैजीमैंट में हवलदार के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। रीपिम के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा तनिष्क चौधरी का हाल ही में एनडीए में चयन हुआ है। बीते जनवरी से वह एनडीए एकैडमी पुणे में तीन वर्ष का प्रशिक्षण ले रहा है। छोटा बेटा दक्ष अभी कक्षा पांच में पढ़ रहा है। रीपिम के चचेरे भाई स्वर्गीय अनूप कुमार नेवी से सेवानिवृत्त हुए हैं, वहीं उनके बड़े भाई अनिल कुमार सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।

रीपिम का एक भतीजा राहुल चौधरी भारतीय सेना में मेजर के पद पर वैस्ट बंगाल में अपनी सेवाएं दे रहा है। परिवार का कहना है कि रीपिम चौधरी जीवनभर देश सेवा के लिए समर्पित रहे और उनका सपना था कि उनके बेटे भी सफलता की ऊंचाइयों को छुएं। उनके अंतिम संस्कार में स्थानीय लोग, सेना के अधिकारी और जवान शामिल हुए। सभी ने उनके प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की और देश के प्रति उनके समर्पण को याद किया।

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