Kangra: आटे की गाेली समझकर गाय ने चबाया विस्फोटक पदार्थ, धमाके से उड़े जबड़े के चिथड़े

Edited By Vijay, Updated: 14 Dec, 2025 11:19 PM

cow chewed explosive material

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के ज्वाली विधानसभा क्षेत्र में बेजुबान पशुओं के साथ क्रूरता का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बरियाल और पनालथ के बाद अब फारियां पंचायत के नजदीक पौंग झील क्षेत्र में विस्फोटक सामग्री खाने से एक पालतू और गाभिन गाय का...

नगरोटा सूरियां (नंदपुरी): हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के ज्वाली विधानसभा क्षेत्र में बेजुबान पशुओं के साथ क्रूरता का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बरियाल और पनालथ के बाद अब फारियां पंचायत के नजदीक पौंग झील क्षेत्र में विस्फोटक सामग्री खाने से एक पालतू और गाभिन गाय का जबड़ा बुरी तरह से उड़ गया। इस दिल दहला देने वाली घटना ने एक बार फिर मानवता को शर्मसार कर दिया है। जानकारी के अनुसार रविवार काे फारियां निवासी कृष्ण कुमार की गाभिन गाय चरते हुए झील के किनारे पहुंच गई। वहां शिकारियों या अवैध खेती करने वालों द्वारा वन्य प्राणियों और प्रवासी पक्षियों को मारने के लिए रखे गए विस्फोटक (आटे की गोलियों में छिपाकर) को गाय ने जैसे ही मुंह में डाला ताे जोरदार धमाका हुआ। इससे गाय का जबड़ा बुरी तरह फट गया।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
यह कोई पहली घटना नहीं है। क्षेत्र में विस्फोटक सामग्री का उपयोग धड़ल्ले से हो रहा है। 3 दिन पहले (11 दिसम्बर) पनालथ में इसी तरह के विस्फोट से 2 पालतू गाऊएं बुरी तरह घायल हो गई थीं। वहीं 6 महीने पहले बरियाल में भी एक गाय का जबड़ा इसी तरह के विस्फोट में उड़ गया था, जिसकी बाद में पालमपुर वेटरनरी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

पौंग झील किनारे अवैध रूप से हाे रही खेती
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पौंग झील के किनारे अवैध रूप से गेहूं की खेती की जा रही है। अपनी फसल को जंगली जानवरों और प्रवासी पक्षियों से बचाने के लिए लोग आटे की गोलियों में विस्फोटक भरकर खेतों में बिछा देते हैं। जब कोई जानवर या पक्षी इसे खाता है तो धमाका होता है। यदि पक्षी हो तो मौके पर ही मर जाता है, लेकिन बड़े जानवर (जैसे गाय) बुरी तरह घायल होकर तड़पते रहते हैं।

विभागों के खिलाफ फूटा लोगों का गुस्सा
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में वन्य प्राणी विभाग, बीबीएमबी और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ भारी रोष है। पर्यावरण प्रेमी मिलखी राम और अन्य ग्रामीणों का कहना है कि जब तक झील में खेती नहीं होती थी, तब तक ऐसी घटनाएं नहीं घटती थीं। उन्होंने प्रशासन को इन बेजुबानों की दुर्दशा का जिम्मेदार ठहराया है।

पुलिस ने कसी कमर, जल्द सलाखों के पीछे होंगे आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। अतिरिक्त एसपी धर्म चंद वर्मा ने बताया कि पौंग झील के किनारे अवैध शिकार और विस्फोटक सामग्री का उपयोग करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने जाल बिछा दिया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि विस्फोटक सामग्री उपलब्ध करवाने वाले और इसका इस्तेमाल करने वाले अभियुक्तों को शीघ्र ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

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