Himachal: पंंचकूला से ऊना पहुंची 1500 किलो पनीर की खेप जब्त, कीमत देखकर अधिकारी भी रह गए हैरान

Edited By Vijay, Updated: 17 Oct, 2025 05:31 PM

consignment of 1500 kg cheese that reached una from panchkula seized

त्याैहारी सीजन से ठीक पहले ऊना में पुलिस और खुफिया विभाग ने एक संयुक्त अभियान में हरियाणा के पंचकूला से लाई गई 1500 किलो पनीर और मिठाइयों की एक बड़ी खेप को जब्त किया है।

ऊना (सुरेन्द्र): त्याैहारी सीजन से ठीक पहले ऊना में पुलिस और खुफिया विभाग ने एक संयुक्त अभियान में हरियाणा के पंचकूला से लाई गई 1500 किलो पनीर और मिठाइयों की एक बड़ी खेप को जब्त किया है। इस कार्रवाई में सबसे चौंकाने वाली बात पनीर का दाम है, जिसका बिल मात्र 195 रुपए प्रति किलो काटा गया था, जिसने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के कान खड़े कर दिए हैं।

खुफिया विभाग से मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस के एएसआई जितेंद्र और हैड कांस्टेबल सुरेंद्र की टीम ने ऊना के वार्ड नंबर-4 और कुठारखुर्द में दबिश दी। यहां पिकअप गाड़ियों से माल उतारा जा रहा था। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर दोनों गाड़ियों को कब्जे में ले लिया।मामले की गंभीरता को देखते हुए फूड सेफ्टी विंग को सूचित किया गया। असिस्टैंट कमिश्नर जगदीश धीमान, फूड सेफ्टी ऑफिसर साक्षी शर्मा और रणजीत सहित टीम ने मौके पर पहुंचकर पनीर और मिठाइयों के सैंपल भरे। 1500 किलो पनीर की पूरी खेप को जब्त कर लिया गया है और सैंपलों को जांच के लिए कंडाघाट स्थित लैब में भेजा गया है।
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पनीर की कीमत देखकर गुणवत्ता पर गहराया शक
अधिकारियों का शक पनीर के बिल को देखकर और गहरा गया। बिल में पनीर की कीमत 195 रुपए प्रति किलो बताई गई है, जबकि जानकारों के अनुसार एक किलो बढ़िया पनीर बनाने में कम से कम 5 किलो दूध लगता है। आज के समय में जब दूध की कीमत 70 से 80 रुपए प्रति लीटर है तो सिर्फ दूध की लागत ही 350 से 400 रुपए तक पहुंच जाती है ताे ऐसे में 195 रुपए में पनीर बेचना इसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। फूड सेफ्टी विंग के असिस्टैंट कमिश्नर जगदीश धीमान ने पुष्टि की कि करीब 1500 किलो पनीर जब्त कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। मामले की छानबीन जारी है।

जीएसटी चोरी पर वसूला जुर्माना
इस मामले में कर एवं आबकारी विभाग ने भी कार्रवाई की है। ज्वाइंट कमिश्नर विनोद कश्यप ने बताया कि मिठाइयों के बिलों की जांच में जीएसटी का अंतर पाए जाने पर जुर्माना वसूला गया है।

कंडाघाट लैब से आने वाली रिपोर्ट पर टिकी निगाहें 
अब सभी की निगाहें कंडाघाट लैब से आने वाली रिपोर्ट पर टिकी हैं। प्रदेश में एकमात्र लैब होने के कारण वहां सैंपलों का भारी बोझ है, जिससे रिपोर्ट आने में समय लग सकता है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह पनीर खाने लायक है या लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने के लिए लाया गया था।

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