Edited By Vijay, Updated: 11 Jan, 2026 07:02 PM

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के नाम और स्वरूप में किए गए बदलाव के विरोध में शुरू किए गए ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत प्रदेश कांग्रेस ने रविवार को सभी जिला मुख्यालयों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कियाा।
शिमला (राक्टा): महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के नाम और स्वरूप में किए गए बदलाव के विरोध में शुरू किए गए ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत प्रदेश कांग्रेस ने रविवार को सभी जिला मुख्यालयों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कियाा। इसी कड़ी में शिमला के कांग्रेस नेता व कार्यकर्त्ता ऐतिहासिक रिज मैदान पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने उपवास पर बैठे। मौन प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं के हाथ में मनरेगा बचाओ की तख्तियां नजर आईं।
जिला कांग्रेस कमेटी शिमला शहरी के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में यह प्रदर्शन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान भी मौजूद रहे। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि मनरेगा में जिस तरह का बदलाव किया गया है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, साथ ही यह भी स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लेकर किस तरह की सोच रखती है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि मनरेगा को उसकी मूल भावना के साथ मजबूती से लागू किया जाए और मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करने वाले कानूनों को तुरंत रद्द किया जाए।
नरेश चौहान कहा कि कांग्रेस मनरेगा संग्राम को जन-जन तक पहुंचाने का काम करेगी। शिमला शहर के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने महात्मा गांधी का नाम हटाने के साथ रोजगार गारंटी में बदलाव का विरोध किया। उन्होंने कहा कि पूर्व यूपीए सरकार के दौरान मनरेगा में रोजगार की गारंटी थी, लेकिन अब केंद्र सरकार ने इसमें बदलाव के बाद न सिर्फ राष्ट्रपिता का नाम हटाया है, बल्कि रोजगार की गारंटी को भी खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि देशभर में इसे लेकर रोष है। कांग्रेस पार्टी घर-घर तक इस संग्राम के जरिए गांधी विरोधी सोच को ले जाने का काम करेगी। इस मौके पर पूर्व विधायक आदर्श सूद, महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष जैनब चंदेल, आनंद कौशल, अमित भरमौरी, दीपक राठौर, रूपेश कंवल, वेद प्रकाश ठाकुर, अनीता ठाकुर, भूपिंदर कंवर, सत्यजीत नेगी, दिवाकर देव शर्मा, नगर निगम के पार्षद सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्त्ता मौजूद रहे।
नरेश चौहान ने कहा कि यह लड़ाई केवल योजना के नाम की नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों और मजदूरों के अधिकारों की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनरेगा बचाओ संग्राम आगे भी जारी रहेगा। साथ ही चेताया कि यदि केंद्र सरकार ने मनरेगा की मूल पहचान और रोजगार की गारंटी से समझौता किया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।