Edited By Punjab Kesari, Updated: 01 Dec, 2017 04:25 PM

जिला सोलन में न केवल किसान बल्कि सभी लोग बारिश के लिए तरस रहे हैं लेकिन मेघ हैं कि बरस ही नहीं रहे। यहां पिछले करीब 3 महीनों से बारिश नहीं हुई और अब सूखे जैसे स्थिति पैदा हो गई है। पूरे नवम्बर महीने में एक बार बादलों ने दर्शन दिए और वह भी बूंदाबांदी...
सोलन : जिला सोलन में न केवल किसान बल्कि सभी लोग बारिश के लिए तरस रहे हैं लेकिन मेघ हैं कि बरस ही नहीं रहे। यहां पिछले करीब 3 महीनों से बारिश नहीं हुई और अब सूखे जैसे स्थिति पैदा हो गई है। पूरे नवम्बर महीने में एक बार बादलों ने दर्शन दिए और वह भी बूंदाबांदी करके निकल गए। इस महीने में मात्र 2.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
बारिश के लिए तरस रहे किसान
आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि हर बार नवम्बर महीना अमूमन सूखा ही निकलता है, हां इससे पहले वर्ष 2009 व 10 के नवम्बर महीने में अच्छी बारिश हुई थी। इसके बाद नवम्बर महीना या तो पूरी तरह सूखा निकला है या फिर मामूली बारिश हुई है। इस वर्ष भी अक्तूबर व नवम्बर महीना पूरा सूखा ही निकल गया है और बारिश पर निर्भर अधिकतर किसान बारिश के लिए तरसते ही रह गए।
रबी फसल की बुआई का काम शुरू नहीं हो रहा
गेहूं की बिजाई का सही समय 15 नवम्बर तक होता है लेकिन इसके बाद भी किसान लेट वैरायटी की बिजाई कर देते हैं। सोलन जिला में कृषि योग्य भूमि पर रबी फसल की बुआई का काम शुरू भी नहीं हो पाया है। केवल सिंचित क्षेत्रों में ही रबी फसलों की बुआई किसान कर पा रहे हैं। यदि जल्द बारिश नहीं होती है तो बिजाई नहीं हो पाएगी और किसानों को भारी नुक्सान उठाना पड़ेगा।