Mandi: अगली महाशिवरात्रि तक सुरक्षित हुई छोटी काशी, 5 महाशक्तियों ने मिलकर बांधा सुरक्षा कवच

Edited By Vijay, Updated: 21 Feb, 2026 09:48 PM

choti kashi is safe till next mahashivratri

छोटी काशी के राज बेहड़े में शनिवार को पराशर ऋषि की वार्षिक जाग आयोजित की गई। इस पावन अवसर पर शुकदेव ऋषि, गणपति, तुंगा माता और मार्कंडेय ऋषि ने देव पराशर ऋषि के साथ उपस्थित होकर समूचे क्षेत्र को अगले वर्ष की महाशिवरात्रि तक सुरक्षा कवच प्रदान करने का...

मंडी (फरेंद्र): छोटी काशी के राज बेहड़े में शनिवार को पराशर ऋषि की वार्षिक जाग आयोजित की गई। इस पावन अवसर पर शुकदेव ऋषि, गणपति, तुंगा माता और मार्कंडेय ऋषि ने देव पराशर ऋषि के साथ उपस्थित होकर समूचे क्षेत्र को अगले वर्ष की महाशिवरात्रि तक सुरक्षा कवच प्रदान करने का आशीर्वाद दिया। देव पराशर ऋषि के पुजारी अमर सिंह ने बताया कि पांचों देवताओं ने इस महायज्ञ को पूर्ण करवाया और क्षेत्र के लोगों की आधी-व्याधि से रक्षा करने के साथ वर्षभर कल्याण का आशीर्वाद दिया। जाग के दौरान यज्ञ की भांति अग्नि प्रज्वलित की गई। सबसे पहले पराशर ऋषि के गूरों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों पर देव नृत्य किया, जिसके बाद अन्य देवताओं के गूर और पुजारी भी शामिल हुए। देर रात तक देव आह्वान, मंत्रोच्चार और लोक वाद्यों की ध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।

सदियों से आयोजित की जा रही है जाग
बता दें कि पराशर ऋषि मंडी राजकुल के आराध्य देवता हैं और यह जाग सदियों से निरंतर आयोजित होती आ रही है। राजतंत्र काल में मंडी नरेश की प्रार्थना पर देव पराशर ऋषि ने इस जाग की शुरूआत की थी, ताकि पूरी रियासत में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहे और आज भी यह परंपरा उसी श्रद्धा के साथ निभाई जा रही है। विशेष बात यह भी रही कि इस जाग में वही पांचों देवता शामिल होते हैं, जिन्हें राज माधवराय अपने साथ पड्डल मैदान तक ले जाते हैं और महाशिवरात्रि महोत्सव की जलेब में भी यही देव पालकी के साथ चलते हैं।

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