Edited By Vijay, Updated: 16 Jan, 2026 05:04 PM

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व मंत्री व भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने पंजाब सरकार द्वारा पंजाब केसरी मीडिया समूह के खिलाफ की गई कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है।
धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व मंत्री व भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने पंजाब सरकार द्वारा पंजाब केसरी मीडिया समूह के खिलाफ की गई कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है। धर्मशाला में जारी एक बयान में परमार ने इसे लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी पर सीधा हमला करार दिया।
विपिन परमार ने पंजाब सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह कार्रवाई किसी एक मीडिया संस्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे लोकतांत्रिक ढांचे के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि जो सरकारें सच का सामना करने से डरती हैं, वही कलम पर पहरा बैठाने की कोशिश करती हैं। प्रैस को डराना और धमकाना तानाशाही मानसिकता का स्पष्ट प्रमाण है।
विपिन परमार ने जोर देकर कहा कि भारत का संविधान मीडिया को सवाल पूछने और सत्ता को जवाबदेह बनाने का अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि भाजपा मीडिया की स्वतंत्रता के पक्ष में खड़ी है और किसी भी कीमत पर इस संवैधानिक अधिकार को छीने जाने नहीं देगी। विपिन सिंह परमार ने पंजाब सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मीडिया के खिलाफ ऐसी दमनकारी कार्रवाइयां तत्काल नहीं रोकी गईं तो भारतीय जनता पार्टी चुप नहीं बैठेगी। पार्टी इसके विरोध में सड़कों पर उतरकर जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।