Kangra: कलस्टर और कॉम्पलैक्स सिस्टम के विरोध में सड़कों पर उतरे प्राइमरी टीचर्स, सरकार को दिया अल्टीमेटम

Edited By Vijay, Updated: 01 Mar, 2026 05:16 PM

primary teachers took to streets to protest against cluster and complex

हिमाचल प्रदेश में शिक्षा विभाग द्वारा लागू किए जा रहे क्लस्टर और कॉम्पलैक्स सिस्टम के विरोध में प्राथमिक शिक्षकों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।

धर्मशाला (सुनील): हिमाचल प्रदेश में शिक्षा विभाग द्वारा लागू किए जा रहे क्लस्टर और कॉम्पलैक्स क्स सिस्टम के विरोध में प्राथमिक शिक्षकों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। रविवार को जिला कांगड़ा मुख्यालय धर्मशाला में प्राइमरी टीचर फैडरेशन (पीटीएफ) के बैनर तले जिले भर के हजारों शिक्षकों ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई, तो वे अपने परिवारों के साथ सड़कों पर उतरने और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने को मजबूर होंगे।

शिक्षकों के आक्रोश का मुख्य कारण 23 सितम्बर को शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई वह अधिसूचना है, जिसके तहत न्यू कॉम्पलैक्स सिस्टम लागू किया जा रहा है। इस अधिसूचना के जरिए प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत एचटी, सीएचटी और बीईईओ की प्रशासनिक शक्तियों को छीनकर उनका कार्यक्षेत्र सीमित कर दिया गया है। आशंका है कि भविष्य में ये पद समाप्त कर दिए जाएंगे। नए सिस्टम में 15 से 20 स्कूलों का एक परिसर बनाकर उनका पूरा नियंत्रण सीनियर सैकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल को सौंपा जा रहा है। शिक्षकों का तर्क है कि इससे प्रिंसिपल पर काम का बोझ बढ़ेगा और प्राथमिक शिक्षा पूरी तरह हाशिए पर चली जाएगी।

जेबीटी और मिड-डे मील वर्कर्स पर संकट
पीटीएफ ने आरोप लगाया है कि यह सिस्टम न केवल मौजूदा शिक्षकों बल्कि बेरोजगारों के साथ भी अन्याय है। सीबीएसई स्कूल बनाते समय सीएचटी के पदों को खत्म किया जा रहा है। 3000 से अधिक जेबीटी से एचटी पदों पर होने वाली प्रमोशन को रोकने की तैयारी है। विभाग में जेबीटी के 4500 से अधिक, नर्सरी टीचर्स के 6200 और इतने ही आया के पद खाली चल रहे हैं, जिन्हें भरने के बजाय सिस्टम में बदलाव किए जा रहे हैं। इस अधिसूचना से हजारों मिड-डे मील वर्कर्स की नौकरी पर भी तलवार लटक गई है।

15 मार्च से पहले वार्ता के लिए बुलाए सरकार
पीटीएफ जिला कांगड़ा के अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने रैली को संबोधित करते हुए सरकार को दो टूक चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि हम पिछले 2 वर्षों से वार्ता के जरिए हल निकालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है। सरकार 15 मार्च से पहले प्रदेश कार्यकारिणी को बुलाकर वार्ता करे। अगर ऐसा नहीं हुआ तो प्राइमरी शिक्षक उग्र आंदोलन छेड़ेंगे और अपने बाल-बच्चों के साथ धरने पर बैठेंगे।

हर शिक्षक प्रताड़ित महसूस कर रहा : संदीप कुमारी
पीटीएफ महिला विंग की जिला अध्यक्ष संदीप कुमारी ने कहा कि रैली में उमड़ी भीड़ इस बात का सबूत है कि हर शिक्षक इस सिस्टम से प्रताड़ित महसूस कर रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि 1984 से पहले भी ऐसी ही व्यवस्था थी, जिसे शिक्षकों ने संघर्ष करके बदलवाया था। सरकार को चाहिए कि वर्तमान क्लस्टर प्रणाली को ही सुदृढ़ करे, न कि नए प्रयोग कर शिक्षा का बेड़ा गर्क करे।

हिमाचल प्रदेश की खबरें पढ़ने के लिए हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें Click Here

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!