Edited By Swati Sharma, Updated: 19 Feb, 2026 01:47 PM

हिमाचल के कांगड़ा जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां टांडा मेडिकल कॉलेज के समीप स्थित खोली पंचायत के सिंबल खोला वार्ड में सड़क किनारे एक नवजात का शव बरामद हुआ है।
Kangra News: हिमाचल के कांगड़ा जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां टांडा मेडिकल कॉलेज के समीप स्थित खोली पंचायत के सिंबल खोला वार्ड में सड़क किनारे एक नवजात का शव बरामद हुआ है। इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, जब स्थानीय लोग सैर पर निकले थे, तब उन्होंने कुछ कुत्तों को सड़क किनारे एक जगह पर जमीन खोदते हुए देखा। कुत्तों की असामान्य हरकत देख जब ग्रामीण वहां पहुंचे और मिट्टी हटाई, तो वहां एक सफेद रंग की पोटली दबी हुई मिली। संदेह होने पर ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना कांगड़ा पुलिस को दी। माैके पर पहुंची पुलिस टीम ने जब ग्रामीणों की मौजूदगी में सफेद पोटली को खोला, तो उसके भीतर एक नवजात का शव बरामद हुआ।
पुलिस जांच में खुला राज, 8 माह की गर्भवती महिला की हुई थी डिलीवरी
पुलिस ने जब मामले की त्वरित जांच शुरू की तो चम्बा जिले की चुराह तहसील के रहने वाले एक 22 वर्षीय युवक ने सामने आकर पूरी सच्चाई बताई। युवक ने पुलिस को बताया कि वह मजदूरी करता है और उसकी बहन 8 माह की गर्भवती थी। प्रसव पीड़ा होने पर उसे पहले चम्बा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था, जहां से उसे टांडा मेडिकल कॉलेज रैफर कर दिया गया।
युवक ने इसलिए सड़क किनारे दफनाया नवजात का शव
युवक के अनुसार टांडा अस्पताल में उसकी बहन ने दाे बच्चाें को जन्म दिया, जिनमें से एक मृत पैदा हुआ था और दूसरा जीवित है। रात करीब 1 बजे जब वह अस्पताल पहुंचा, तो पता चला कि एक बच्चे की मौत हो चुकी है। युवक ने अपनी विवशता बताते हुए कहा कि घर बहुत दूर था और परिवार में मेरे सिवा कोई अन्य पुरुष मौजूद नहीं था। मेरी बहन की हालत गंभीर थी, इसलिए मैं उसे अस्पताल में अकेला छोड़कर मृत बच्चे के शव को गांव लेकर नहीं जा सकता था। हालात से मजबूर होकर युवक ने अस्पताल के बाहर खड़ी एक टैक्सी 500 रुपए में किराए पर ली। टैक्सी चालक से फावड़ा मांगकर उसने खाेली पंचायत के नजदीक ही सुनसान जगह पर एक बरगद के पेड़ के पास गड्ढा खोदकर नवजात के शव को दफना दिया था, ताकि वह अपनी बहन की देखभाल के लिए वापस अस्पताल लौट सके। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।