Edited By Vijay, Updated: 18 Jan, 2026 12:01 PM

हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू के आनी उपमंडल के मास्टर भूपेश आज सुरक्षा, मार्शल आर्ट्स और उद्यमिता के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बना चुके हैं। एक साधारण परिवार में जन्मे भूपेश का संघर्ष और अनुशासन से भरा सफर आज देशभर के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत...
कुल्लू् (संजीव जैन): हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू के आनी उपमंडल के मास्टर भूपेश आज सुरक्षा, मार्शल आर्ट्स और उद्यमिता के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बना चुके हैं। एक साधारण परिवार में जन्मे भूपेश का संघर्ष और अनुशासन से भरा सफर आज देशभर के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। वर्तमान में वह न केवल देश की सुरक्षा एजैंसियों को आधुनिक युद्ध कला में निपुण कर रहे हैं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय खेल जगत और उद्यमिता में भी हिमाचल का नाम रोशन कर रहे हैं।
बनगढ़ में कमांडोज को दी इजराईली ट्रेनिंग
मास्टर भूपेश ने ऊना जिला के बनगढ़ स्थित प्रथम भारतीय रिजर्व बटालियन में सात दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने क्विक रिएक्शन टीम के कमांडोज को इजराईली क्राव मागा की उन्नत तकनीकों से लैस किया। प्रशिक्षण के समापन अवसर पर बटालियन की कमांडैंट डाॅ. आकृति शर्मा ने मास्टर भूपेश की विशेषज्ञता की सराहना की, उन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। डाॅ. शर्मा ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से जवानों की कार्यक्षमता और आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।
आधुनिक सुरक्षा का नया मॉडल
वर्ष 2020 से मास्टर भूपेश लगातार पुलिस विभाग, क्विक रिएक्शन टीम (क्यूआरटी), कमांडो यूनिट्स और विभिन्न केंद्रीय सुरक्षा एजैंसियों को ‘मिशन सुरक्षा 360’ के तहत उन्नत प्रशिक्षण दे रहे हैं। यह मिशन सुरक्षा प्रशिक्षण का सबसे प्रभावी और भरोसेमंद मॉडल बनकर उभरा है। इस विशेष कार्यक्रम के तहत सुरक्षा बलों को इजराईल की प्रसिद्ध युद्ध कला ‘क्राव मागा’ क्लोज कॉम्बैट और रियल-लाइफ सिचुएशनल ट्रेनिंग दी जाती है। मास्टर भूपेश का मानना है कि आधुनिक समय में खतरों का स्वरूप बदल गया है। इसलिए सुरक्षा बलों का मानसिक और शारीरिक रूप से अत्यधिक चुस्त होना अनिवार्य है।
सिविलियन सुरक्षा और 28 वर्षों का अनुभव
मार्शल आर्ट्स के क्षेत्र में 28 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले मास्टर भूपेश केवल वर्दीधारी बलों तक सीमित नहीं हैं। उनके मार्गदर्शन में अब तक 50,000 से अधिक सिविलियनों को आत्मरक्षा, अपराध से बचाव और विषम परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उनकी प्रशिक्षण शैली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे केवल शारीरिक प्रहार नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती व अनुशासन पर बल देते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय मंच पर यूएफएल का परचम
खेल के क्षेत्र में मास्टर भूपेश ने वर्ष 2017 में अपने अंतर्राष्ट्रीय एमएमए (मिक्सड मार्शल आर्ट्स) ब्रांड ‘यूएफएल’ (यूल्टीमेट फाइटिंग लीग) की स्थापना की। यूएफएल अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बड़े एमएमए इवैंट्स आयोजित कर रहा है, जो भारतीय व विदेशी फाइटर्स को मंच प्रदान करता है। उनके इस प्रयास ने भारत को ग्लोबल मार्शल आर्ट्स के मानचित्र पर मजबूती से स्थापित किया है।
सफल उद्यमी और समाज सेवक
सुरक्षा विशेषज्ञ और खिलाड़ी होने के साथ-साथ भूपेश एक सफल उद्यमी और समाजसेवक भी हैं। वह माइनिंग और होटल व्यवसाय के माध्यम से हिमाचल प्रदेश की आर्थिक उन्नति में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उनके व्यवसायों ने स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोले हैं, जिससे वह क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
पुरस्कार एवं उपलब्धियां
वर्ष 2012 में हिमाचल प्रदेश में कुंग-फू को नई पहचान दिलाई। मास्टर भूपेश हिमाचल कुंग-फू के संस्थापक भी हैं और उनके प्रयासों से प्रदेश में मार्शल आर्ट्स को संगठित मंच प्राप्त हुआ। उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष 2013, 2014 और 2015 में उन्हें लगातार मार्शल आर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा “मास्टर ऑफ द ईयर” के प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वर्ष 2015 में हिमाचल गौरव पुरस्कार तथा वर्ष 2016 में वर्ल्ड शाओलिन मार्शल आर्ट्स फैडरेशन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय स्तर का ड्रैगन अवार्ड प्रदान किया गया।