Edited By Vijay, Updated: 20 Nov, 2025 01:28 PM

हिमाचल प्रदेश जो अपनी स्वच्छ हवा और पहाड़ियों के लिए जाना जाता है, वहां अब प्रदूषण के स्तर में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। ताजा जारी आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है....
शिमला: हिमाचल प्रदेश जो अपनी स्वच्छ हवा और पहाड़ियों के लिए जाना जाता है, वहां अब प्रदूषण के स्तर में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। ताजा जारी आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है, जबकि ऊंचाई वाले पर्यटन स्थलों पर अब भी पर्यटक शुद्ध हवा का आनंद ले रहे हैं।
एयर क्वालिटी इंडैक्स (एक्यूआई) के ताजा आंकड़ों के अनुसार हिमाचल का औद्योगिक हब बद्दी सबसे प्रदूषित शहर है। यहां का एक्यूआई 171 दर्ज किया गया है, जो अनहैल्दी श्रेणी में आता है। यहां पीएम2.5 का स्तर 84 और पीएम10 का स्तर113 तक पहुंच गया है, जो सांस के मरीजों के लिए खतरनाक हो सकता है। वहीं दूसरी ओर पर्यटकों के पसंदीदा स्थल मनाली मनाली का एक्यूआई 53 है, जो मध्यम श्रेणी में है।। हैरान करने वाली बात यह है कि पर्यटन नगरी धर्मशाला और सोलन में भी हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में दर्ज की गई है। सोलन का एक्यूआई 134 ताे धर्मशाला का एक्यूआई 125 दर्ज किया गया है। वहीं राजधानी शिमला और कुल्लू घाटी में स्थिति अभी नियंत्रण में है, लेकिन पूरी तरह से साफ नहीं है। यहां हवा की गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
हिमाचल प्रदेश के प्रमुख शहरों का AQI मीटर
| शहर |
AQI |
स्थिति (Status) |
| बद्दी |
171 |
अस्वास्थ्यकर (Unhealthy) |
| सोलन |
134 |
खराब (Poor) |
| धर्मशाला |
125 |
खराब (Poor) |
| शिमला |
71 |
मध्यम (Moderate) |
| कुल्लू |
60 |
मध्यम (Moderate) |
| शमशी |
60 |
मध्यम (Moderate) |
| मनाली |
53 |
मध्यम (Moderate) |
प्रदूषण का क्या है कारण?
बद्दी में बढ़ते प्रदूषण का मुख्य कारण वहां की औद्योगिक इकाइयां और वाहनों का भारी दबाव माना जा रहा है। वहीं, मनाली में तापमान में कमी और कम औद्योगिक गतिविधियों के कारण हवा साफ बनी हुई है। सोलन और धर्मशाला में बढ़ता निर्माण कार्य और ट्रैफिक एक चिंता का विषय बनता जा रहा है।