Edited By Vijay, Updated: 13 Feb, 2026 08:54 PM

हिमाचल प्रदेश से बहुमूल्य वन संपदा काे तस्करी कर पंजाब ले जा रहे 6 वाहन वन विभाग की मुस्तैदी से हिमाचल-पंजाब की सीमा से कुछ दूर पहले पकड़े गए।
गगरेट (बृज): हिमाचल प्रदेश से बहुमूल्य वन संपदा काे तस्करी कर पंजाब ले जा रहे 6 वाहन वन विभाग की मुस्तैदी से हिमाचल-पंजाब की सीमा से कुछ दूर पहले पकड़े गए। बेशक हिमाचल प्रदेश में प्रतिबंधित प्रजाति के पेड़ काटना मना है लेकिन वन विभाग के नाक तले ही प्रतिबंधित प्रजाति के पेड़ों का कटान जारी है। इसका खुलासा वीरवार रात्रि वन विभाग की कार्रवाई में हुआ है। वन विभाग की टीम ने गगरेट के समीप नाका लगाया हुआ था कि इस दौरान कुछ पिकअप आती दिखाई दीं। उन्हें रोककर जब तलाशी ली गई तो गाड़ियों में प्रतिबंधित प्रजाति की लकड़ी पाई गई।
जिन पेड़ों की लकड़ी इन वाहनों में लदी थी उन्हें काटने की वन विभाग भी अनुमति नहीं देता। यही नहीं बल्कि वन संपदा को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए भी वन विभाग ही अनुमति प्रदान करता है। इन वाहन चालकाें के पास यह अनुमति भी नहीं थी। खास बात यह भी है कि नादौन व देहरा से प्रतिबंधित प्रजाति की लकड़ी लेकर चली 6 गाड़ियां आसानी से हिमाचल-पंजाब की सीमा के समीप पहुंच गईं लेकिन रास्ते में इनकी कहीं भी जांच नहीं हो पाई।
अगर गगरेट में भी वन विभाग की टीम ने मुस्तैदी न दिखाई होती तो 6 गाड़ियां तस्करी की लकड़ी लेकर आसानी से पंजाब की सीमा में प्रवेश कर जातीं। वन विभाग की टीम ने इन सभी गाड़ियों को लकड़ी सहित जब्त कर लिया है। वन मंडल अधिकारी सुशील राणा का कहना है कि वन संपदा की तस्करी को रोकने के लिए वन विभाग मुस्तैद है। यह मुस्तैदी का ही नतीजा है कि 6 वाहन पंजाब को लकड़ी ले जाते पकड़े गए हैं।