Edited By prashant sharma, Updated: 11 Feb, 2021 01:19 PM

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के लिए 510 करोड़ रुपए के बजट जारी करने का स्वागत करती है। प्रदेश मंत्री विशाल वर्मा ने कहा कि लगभग 12 वर्षों बाद भी हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय अभी तक अपने...
शिमला (योगराज) : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के लिए 510 करोड़ रुपए के बजट जारी करने का स्वागत करती है। प्रदेश मंत्री विशाल वर्मा ने कहा कि लगभग 12 वर्षों बाद भी हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय अभी तक अपने स्थाई परिसर की ही लड़ाई लड़ रहा है यह प्रदेश की शिक्षा क्षेत्र के लिए बहुत ही चिंतनीय विषय है। हालांकि केंद्रीय विश्वविद्यालय के साथ घोषित आईआईटी मंडी का निर्माण व इसके बाद घोषित आईआईएम व एआईआईएमएस का अपने भवन निर्माण का कार्य प्रगति पर है। लेकिन पूर्व में सरकारों की राजनीति के चलते हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय राजनीति की भेंट चढ़ता रहा। जिस विश्वविद्यालय के छात्रों को अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए भी आंदोलन करना पड़ता हो , ऐसे में वहां का छात्र कैसी परिस्थितियों में अपनी पढ़ाई कर रहा होगा इसकी कल्पना की जा सकती है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पिछले 12 वर्षों के लंबे समय से केंद्रीय विश्वविद्यालय के स्थाई परिसर निर्माण को लेकर विभिन्न प्रकार की गतिविधियां व आंदोलनों के माध्यम से अपनी आवाज प्रदेश सरकार और केंद्र की सरकार तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। हालांकि केंद्र सरकार हर वर्ष केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए राशि जारी करती है परंतु प्रदेश की सरकारों तथा विश्वविद्यालय प्रशासन की नाकामियों के कारण उस राशि को उपयोग में ना लाने की वजह से वह राशि वापस हो जाती थी। इतने वर्षों बाद सीयू के भवन निर्माण कार्य के लिए जारी किए गए 510 करोड़ रुपए की राशि की विद्यार्थी परिषद सराहना करती है व स्वागत करती है। केंद्रीय बजट के आने के बाद विद्यार्थी परिषद प्रदेश सरकार से मांग करती है की केंद्रीय विश्वविद्यालय के भवन निर्माण हेतु भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया की औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा करते हुए निर्माण कार्य शुरू किया जाए। ताकि आने वाले समय में प्रदेश भर के छात्रों सहित विवि में पढ़ने वाले छात्रों को उचित सुविधाएं मुहैया कराई जा सकें।