Edited By Vijay, Updated: 03 Jan, 2026 05:10 PM

पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में भेड़पालकों के लिए राहत भरी खबर है। अब प्रदेश के भेड़पालकों का बीमा किया जाएगा और भेड़-बकरी पालन के लिए उन्हें 95 फीसदी तक अनुदान प्रदान किया जाएगा।
धर्मशाला (प्रियंका): पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में भेड़पालकों के लिए राहत भरी खबर है। अब प्रदेश के भेड़पालकों का बीमा किया जाएगा और भेड़-बकरी पालन के लिए उन्हें 95 फीसदी तक अनुदान प्रदान किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने 294.36 करोड़ रुपए का पहल प्रोजैक्ट स्वीकृत किया है। सरकार ने संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए हैं कि इस प्रोजेक्ट को शीघ्र धरातल पर उतारते हुए भेड़पालकों को इसका पूरा लाभ दिया जाए। यह जानकारी प्रदेश वूल फैडरेशन के चेयरमैन मनोज कुमार ठाकुर ने शनिवार को धर्मशाला में आयोजित एक प्रैस वार्ता के दौरान दी। मनोज ठाकुर ने बताया कि बीते 5 वर्षों के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में भेड़-बकरियों की संख्या में 20 से 25 फीसदी तक की कमी दर्ज की गई है, जो गंभीर चिंता का विषय है। इस मुद्दे को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के समक्ष उठाया गया, जिसके बाद विस्तृत प्रोजैक्ट तैयार कर इसे मंत्रिमंडल से मंजूरी दिलाई गई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस प्रोजैक्ट के माध्यम से भेड़पालकों को नए साल का बड़ा तोहफा दिया है।
भेड़पालकों को मिलेंगी ये प्रमुख सुविधाएं
पहल प्रोजैक्ट के तहत प्रदेश के सभी भेड़पालकों का डिजिटल डाटा तैयार किया जाएगा, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पात्र लाभार्थियों तक पहुंच सकेगा। ऊंची पहाड़ियों और दुर्गम क्षेत्रों में जाने वाले भेड़पालकों को उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सेफ्टी किट्स उपलब्ध करवाई जाएंगी। भेड़-बकरी पालन को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार द्वारा 95 फीसदी तक अनुदान प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही भेड़पालकों का 10 लाख रुपए तक का बीमा करवाने का भी प्रावधान किया गया है, ताकि किसी आपदा या दुर्घटना की स्थिति में उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल सके। प्रोजैक्ट के अंतर्गत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भेड़पालकों को ऊन, मांस और दूध का उचित मूल्य मिले, जिसके लिए विपणन और खरीद व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश में बेहतर नस्ल की भेड़ों को बढ़ावा देने के लिए नस्ल सुधार कार्यक्रम चलाए जाएंगे तथा भेड़-बकरियों के लिए उपलब्ध चरागाहों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का यह कदम भेड़पालकों की आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाने के साथ-साथ प्रदेश में पारंपरिक पशुपालन को नया जीवन देने की दिशा में अहम साबित होगा।