Edited By Vijay, Updated: 17 Aug, 2022 06:01 PM

ठियोग विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत टिक्कर पंचायत के ठाणकू गांव में भूस्खलन से 3 मकान तबाह हो गए, जिसके चलते ग्रामीण डर के साये में तिरपाल के नीचे जीवन बिताने पर मजबूर हो चुके हैं।
ठियोग (मनीष): ठियोग विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत टिक्कर पंचायत के ठाणकू गांव में भूस्खलन से 3 मकान तबाह हो गए, जिसके चलते ग्रामीण डर के साये में तिरपाल के नीचे जीवन बिताने पर मजबूर हो चुके हैं। भूस्खलन के कारण गांव के अन्य घरों पर भी खतरा मंडरा रहा है और इस गांव के 4 परिवारों के लगभग 34 से 35 लोग अपने परिवार सहित खुले आसमान के नीचे तिरपाल में रातें काट रहे हैं। काबिलेगौर है कि अभी तक कोई भी प्रशासनिक अधिकारी इनकी सुध लेने नहीं पहुंचा है और मकान बीते रोज जमींदोज भी हो चुका है।

मांग करने के बाद भी नहीं लगाया डंगा
स्थानीय निवासी यशवंत सिंह के अनुसार कुछ साल पहले लोक निर्माण विभाग द्वारा कुठार भड़ास सड़क का निर्माण किया गया था और ग्रामीणों द्वारा विभाग से यहां पर डंगा लगाने की मांग भी की गई थी लेकिन विभाग के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी और सड़क बनने के बाद यहां डंगा न लगने के कारण अब भूस्खलन का क्रम जारी हो चुका है और ग्रामीणों की वर्षों की मेहनत से बने आशियानों सहित जीवन को खतरा पैदा हो चुका है। अभी तक हुए भूस्खलन से 2 परिवार बेघर हो गए हैं जबकि 2 अन्य घरों को भी पत्थर गिरने से नुक्सान हो रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द ही मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया जाए और इन परिवारों को फौरी सहायता प्रदान की जाए।
क्या बोले पीड़ित परिवार
भूस्खलन के कारण प्रेम सिंह, पूरन चंद और हरि सिंह का पूरा परिवार सड़क पर आ गया है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि बच्चे भोजन मांग रहे हैं जो तिरपाल के नीचे बनाना मुश्किल है। घर पर पत्थर गिरने से डर के चलते मकान से कुछ भी निकाल नहीं पाए हैं।्र
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