Edited By Jyoti M, Updated: 30 Jan, 2026 03:28 PM
ऊना जिला क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन के लक्ष्य की ओर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। टीबी मुक्त ऊना के संकल्प को साकार करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2026 तक जिले की 215 पंचायतों को क्षय रोग मुक्त घोषित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
ऊना। ऊना जिला क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन के लक्ष्य की ओर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। टीबी मुक्त ऊना के संकल्प को साकार करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2026 तक जिले की 215 पंचायतों को क्षय रोग मुक्त घोषित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। आधुनिक तकनीक, सुदृढ़ योजनाओं और व्यापक जन-भागीदारी के सहारे यह अभियान अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार ने हिमाचल को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। इसी दिशा में समय पर जांच, निःशुल्क उपचार, पोषण सहायता और व्यापक जन-जागरूकता अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि स्वास्थ्य सेवाएं गांव-गांव तक पहुंचें और समाज के हर वर्ग की भागीदारी से टीबी जैसी बीमारी को जड़ से समाप्त किया जाए। ऊना जिला इसी विजन को धरातल पर उतारने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
टीबी जांच में बढ़ोतरी पर बल
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव वर्मा बताते हैं कि जिले में टीबी जांच की दर में बड़े पैमाने पर बढ़ोतरी की गई है। वर्ष 2015 में जहां प्रति लाख जनसंख्या पर केवल 655 लोगों की जांच हो पाती थी, वहीं वर्ष 2025 तक इस आंकड़े को 5000 प्रति लाख तक ले जाने का लक्ष्य तय किया गया था। लेकिन ऊना ने लक्ष्य से आगे बढ़ते हुए 5063 प्रति लाख जनसंख्या की दर से टीबी जांच कर नया मानक स्थापित किया है। वर्तमान में जिले के पांच अस्पतालों में अत्याधुनिक तकनीक से क्षय रोग की जांच की जा रही है।
वर्ष 2024 में 29,176 संभावित रोगियों की जांच की गई, जिनमें 802 टीबी मरीज चिन्हित हुए। वहीं 2025 में अब तक 31,059 संभावित रोगियों की जांच हो चुकी है, जिनमें 530 मामलों की पुष्टि हुई है। शीघ्र पहचान, समयबद्ध उपचार और पोषण सहायता को प्राथमिकता देते हुए विभाग लगातार निगरानी कर रहा है।
अब तक जिले की 105 पंचायतों को क्षय रोग मुक्त घोषित कर सम्मानित किया जा चुका है, जबकि वर्ष 2025 के लिए 163 पंचायतों को क्षय रोग मुक्त पंचायत घोषित करने की प्रक्रिया जारी है। स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से गांव-स्तर तक जागरूकता फैलाकर रोग की समय पर पहचान सुनिश्चित की जा रही है।
राज्यस्तर पर ऊना को मिले दो स्वर्ण पदक
जिला क्षय रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ. विशाल ठाकुर बताते हैं कि जिले में क्षय रोग मुक्त अभियान को विशेष गति दी गई है। वर्ष 2025 में जिले में 81,798 एक्स-रे किए जा चुके हैं, जबकि वर्ष 2026 में एक लाख से अधिक एक्स-रे करने का लक्ष्य रखा गया है। उच्च जोखिम वाली जनसंख्या के सर्वाधिक एक्स-रे कराने के लिए ऊना जिले को वर्ष 2025 में राज्य स्तर पर दो स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया गया।
उन्होंने बताया कि सभी टीबी रोगियों को निक्षय पोषण योजना के तहत प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता दी जा रही है, जबकि गंभीर श्रेणी के रोगियों को मुख्यमंत्री क्षय रोग निवारण योजना के अंतर्गत अतिरिक्त 1500 रुपये प्रतिमाह प्रदान किए जा रहे हैं। जिले में निक्षय मित्रों के रूप में बाबा बाल जी महाराज, बाबा रुद्र नंद आश्रम नारी, पीरनिगाह मंदिर कमेटी, मैहतपुर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन, जीनत महंत गगरेट, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (एनआरपीएल ऊना), लिवफास्ट और सचखंड फाउंडेशन द्वारा टीबी रोगियों को पोषण सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है।
इसके अलावा वर्ष 2025 में जिले में 560 निक्षय शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें ग्रामीण स्तर पर टीबी के प्रति जागरूकता फैलाई गई और संभावित रोगियों के बलगम नमूने लिए गए। क्षय रोग मुक्त अभियान के अंतर्गत जिले के 100 स्कूलों, 245 ग्राम पंचायतों और 80 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में टीबी जागरूकता से संबंधित आईईसी दीवारें बनाई गई हैं।
ज़िला में प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा टीबी उन्मूलन अभियान : डीसी
उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिले में टीबी उन्मूलन अभियान को पूरी गंभीरता और प्रभावशीलता के साथ लागू किया गया है। एक्टिव केस फाइंडिंग, नियमित जांच शिविरों के आयोजन, दवा अनुपालन की सतत निगरानी तथा रोगियों को समयबद्ध पोषण सहायता सुनिश्चित की जा रही है।
उपायुक्त ने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग का नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा दायित्व है। प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, स्वयंसेवी संस्थाओं और आमजन के समन्वित प्रयासों से ऊना जिला इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि निरंतर प्रयासों और जन-सहयोग से ऊना जिला तय समय से पहले टीबी मुक्त बनने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाएगा।