कंडवाल में नहीं अब यहां बनेगा टोल प्लाजा

Edited By Vijay, Updated: 20 Dec, 2020 07:22 PM

toll plaza will no longer be built in kandwal

नैशनल हाईवे अथॉरिटी द्वारा इन दिनों जसूर, छतरौली, जाच्छ व वौड इत्यादि में राजमार्ग किनारे स्थित परिसरों की नाप-नपाई का कार्य जोरों पर है। यह टीम 2 दलों पर आधारित है जो अपनी रिपोर्ट तैयार कर भू अर्जन तथा मुआवजा अधिकारी को सौंपेगी ताकि फोरलेन परियोजना...

नूरपुर (राकेश): नैशनल हाईवे अथॉरिटी द्वारा इन दिनों जसूर, छतरौली, जाच्छ व वौड इत्यादि में राजमार्ग किनारे स्थित परिसरों की नाप-नपाई का कार्य जोरों पर है। यह टीम 2 दलों पर आधारित है जो अपनी रिपोर्ट तैयार कर भू अर्जन तथा मुआवजा अधिकारी को सौंपेगी ताकि फोरलेन परियोजना की जद्द में आ रहे लोगों को मुआवजा मिल सके। इन टीमों के कार्य की इस अथॉरिटी के अधिकारी सुरेंद्र परमार समीक्षा कर रहे हैं। प्रथम चरण में करीब 1000 परिसर अपना अस्तित्व खोने जा रहे हैं।

नागावाड़ी में 60 मीटर तक होगी चौड़ाई

जानकारी के अनुसार फोरलेन सड़क की चौड़ाई कंडवाल में 35 मीटर, पक्का टियाला में 40 मीटर तथा नागावाड़ी में 60 मीटर तक होगी। नागावाड़ी में चूंकि टोल प्लाजा बनाया जाना प्रस्तावित है इसलिए यहां सिक्सलेन का प्रावधान होगा। 60 मीटर चौड़ाई के चलते नागावाड़ी के काफी ज्यादा परिसर अपना वजूद खोने जा रहे हैं। इससे आगे राजा का बाग (वासा महाल) तथा छतरौली आ रहे हैं जहां यह चौड़ाई क्रमश: 45 व 40 मीटर होगी। प्रमुख कारोबारी स्थल जसूर में इसे 32 मीटर तक तथा जाच्छ व वौड़ कस्बों में इसे 32 से 35 मीटर तक रखा गया है। वौड़ में एक चौक बनेगा जहां से एक बाईपास सड़क नूरपुर के बाहरी भाग से होते हुए बढणी में जाकर निकलेगी। नूरपुर के जौंटा व सियूणी तक सड़क की चौड़ाई कमोवेश 45 मीटर के आसपास रहेगी।

पहला अवार्ड लैटर जारी, लोगों में हाहाकार

हाल ही में कंडवाल व नागावाड़ी की पैमाइश के बाद यहां के लिए 1450 रुपए प्रति स्क्वेयर मीटर की घोषणा के साथ अवार्ड लैटर जारी हुआ था। इतने कम रेट की प्रभावित लोगों में कड़ी प्रतिक्रिया हुई थी तथा फोरलेन कमेटी द्वारा स्थानीय विधायक व जिला प्रशासन से संपर्क कर इसका विरोध जताया। समिति के अध्यक्ष सूबेदार मेजर दरवारी सिंह तथा महासचिव विजय हीर के अनुसार उन्होंने धर्मशाला स्थित अधिकारी के समक्ष तथ्य पेश कर मुआवजा दरों को न्यायोचित रूप में देने का आग्रह किया है ताकि उजडऩे जा रहे करीब 4000 परिवारों व कारोबारियों का सही पुनर्वास हो सके। अप्रैल 2018 को भू अर्जन अधिकारी को किए गए रेटों की अनुशंसा की नई नोटिफिकेशन की मांग भी संघर्ष समिति द्वारा की गई है।

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