Edited By Swati Sharma, Updated: 20 Apr, 2026 10:50 AM

Shimla News : वित्तीय संसाधनों के कुशल प्रबंधन के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन का एक हिस्सा छह महीने के लिए रोक दिया गया है। वित्त विभाग की ओर से रविवार को जारी एक अधिसूचना में यह जानकारी दी गई।
Shimla News : वित्तीय संसाधनों के कुशल प्रबंधन के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन का एक हिस्सा छह महीने के लिए रोक दिया गया है। वित्त विभाग की ओर से रविवार को जारी एक अधिसूचना में यह जानकारी दी गई।
मई 2026 से प्रभावी होगी यह रोक
अधिसूचना के अनुसार, यह रोक मई 2026 से प्रभावी होगी और यह कदम अस्थाई है। मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों, पुलिस महानिदेशक, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, प्रधान मुख्य वन संरक्षक और अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक के वेतन का तीस प्रतिशत हिस्सा रोका गया है। सचिवों, विभाग प्रमुखों, पुलिस महानिरीक्षकों, पुलिस उप महानिरीक्षकों, पुलिस अधीक्षकों, एसपी स्तर तक के पुलिस अधिकारियों, मुख्य वन संरक्षकों, वन संरक्षकों और जिला वन अधिकारी स्तर तक के अन्य वन अधिकारियों के वेतन का बीस प्रतिशत हिस्सा रोका गया है।
'इसे कटौती के रूप में नहीं माना जाएगा'
अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि यह कदम अस्थायी है और वित्तीय संसाधनों के कुशल प्रबंधन के लिए सामूहिक प्रयास के रूप में अपनाया जा रहा है। इसे कटौती के रूप में नहीं माना जाएगा और राज्य सरकार की वित्तीय स्थिति के आधार पर इसे बाद में जारी किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 21 मार्च को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों के वेतन के एक हिस्से को रोके जाने की घोषणा की थी।
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