Edited By Swati Sharma, Updated: 04 Feb, 2026 05:27 PM

HP Board Exams: हिमाचल प्रदेश में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं को नकलमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब परीक्षाओं के दौरान नकल करवाने वाले शिक्षकों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी, क्योंकि परीक्षा केंद्रों की लाइव...
HP Board Exams: हिमाचल प्रदेश में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं को नकलमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब परीक्षाओं के दौरान नकल करवाने वाले शिक्षकों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी, क्योंकि परीक्षा केंद्रों की लाइव स्ट्रीमिंग की व्यवस्था लागू की जा रही है।
सहायक निदेशकों की लगाई जाएगी ड्यूटी
स्कूल शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से परीक्षा केंद्रों की लाइव स्ट्रीमिंग के लिए एक्सेस मांगा था, जिसे बोर्ड ने स्वीकृति दे दी है। इस नई व्यवस्था के तहत निदेशक और अतिरिक्त निदेशक अपने कार्यालय में बैठकर परीक्षा केंद्रों की लाइव निगरानी कर सकेंगे। इसके लिए अतिरिक्त सहायक निदेशकों की ड्यूटी लगाई जाएगी, जो प्रत्येक परीक्षा में सभी स्कूलों की निगरानी करेंगे। साथ ही विभाग उन स्कूलों की सूची भी तैयार कर रहा है, जहां नकल की शिकायतें पहले सामने आ चुकी हैं या जहां इसकी आशंका अधिक रहती है।
विभाग ने स्कूल प्रधानाचार्यों को दिए ये निर्देश
इस विषय को लेकर मंगलवार को निदेशक स्कूल शिक्षा विभाग आशीष कोहली की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। आशीष कोहली ने बताया कि वार्षिक परीक्षाओं को पूरी तरह निष्पक्ष और नकलमुक्त बनाने के लिए इस आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। विभाग ने स्कूल प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा के दौरान की गई वीडियो रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखा जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर उसका उपयोग किया जा सके।
विभाग खुद लेगा संज्ञान
अब यदि कोई शिक्षक परीक्षाओं में नकल करवाते हुए पकड़ा जाता है, तो विभाग खुद संज्ञान लेकर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा। ऐसे मामलों में चार्जशीट जारी करने से लेकर निलंबन तक की कार्रवाई की जा सकती है। गौरतलब है कि इससे पहले शिक्षा विभाग खराब परीक्षा परिणाम देने वाले शिक्षकों की वार्षिक इंक्रीमेंट रोकने जैसे कदम उठा चुका है। अब नकल से जुड़े मामलों में भी कड़ी कार्रवाई की तैयारी है, ताकि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाया जा सके और शिक्षा व्यवस्था पर लोगों का भरोसा मजबूत हो।