Edited By Jyoti M, Updated: 30 Jan, 2026 10:29 AM

आमतौर पर बॉलीवुड सितारे अपनी फिल्मों की सफलता का जश्न मुंबई के आलीशान क्लबों या फाइव स्टार होटलों में मनाते हैं, लेकिन सनी देओल का अंदाज हमेशा की तरह जुदा और जमीन से जुड़ा रहा।
हिमाचल डेस्क। आमतौर पर बॉलीवुड सितारे अपनी फिल्मों की सफलता का जश्न मुंबई के आलीशान क्लबों या फाइव स्टार होटलों में मनाते हैं, लेकिन सनी देओल का अंदाज हमेशा की तरह जुदा और जमीन से जुड़ा रहा। अपनी सुपरहिट फिल्म 'बॉर्डर-2' को मिल रहे जबरदस्त रिस्पॉन्स से गदगद सनी ने किसी शोर-शराबे वाली पार्टी के बजाय मनाली की शांत वादियों को चुना।
धूप, चारपाई और वही चिर-परिचित मुस्कान
कुल्लू घाटी के सेब के बगीचों में, जहाँ चारों तरफ बर्फ की सफेद चादर बिछी थी, सनी पाजी एक साधारण सी चारपाई पर बैठकर गुनगुनी धूप सेंकते नजर आए। उन्होंने बेहद सादगी के साथ दर्शकों को फिल्म की सफलता का श्रेय दिया। इस दौरान उन्होंने फिल्म का वो मशहूर डायलाग भी दोहराया— "आवाज़ कहाँ तक गई?" और फिर खुद ही बड़े प्यार से जवाब दिया कि यह सीधी लोगों के दिलों में उतर गई है।
मनाली: सनी का 'दूसरा घर'
सनी देओल का हिमाचल प्रदेश से रिश्ता केवल सैर-सपाटे का नहीं, बल्कि रूहानी है। पिछले 20 सालों से वे सरसेई गाँव के एक कॉटेज को अपना ठिकाना बनाए हुए हैं। यह वही जगह है जहाँ उन्होंने अपने पिता, महान अभिनेता धर्मेंद्र के साथ काफी यादगार वक्त बिताया था। उनके लिए मनाली किसी शूटिंग लोकेशन से बढ़कर सुकून का वो कोना है, जहाँ वे मुंबई की चकाचौंध से दूर खुद को समय देते हैं।
सफर की कुछ खास बातें:
सड़क मार्ग से पहुंचे: वे बुधवार को चंडीगढ़ से ड्राइविंग करते हुए मनाली पहुंचे।
काम और आराम का तालमेल: फिल्म 'बॉर्डर-2' की शुरुआत (मुहूर्त) के लिए भी वे सीधे यहीं से राजस्थान गए थे और अब काम पूरा होने के बाद वापस पहाड़ों की शरण में हैं।
कड़ी सुरक्षा: स्टार की मौजूदगी को देखते हुए कुल्लू पुलिस ने उनके निवास के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।