पुलिसकर्मियों से सौतेला व्यवहार, जिम्मेदार प्रदेश की भाजपा सरकारः अभिषेक राणा

Edited By prashant sharma, Updated: 29 Nov, 2021 02:55 PM

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हिमाचल प्रदेश सोशल मीडिया कांग्रेस सोशल मीडिया अध्यक्ष व प्रवक्ता ने आज मुख्यमंत्री जयराम सरकार के पुलिस कर्मियों के प्रति सौतेले व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाई और पुलिस कर्मियों को प्रदेश सरकार द्वारा 8 साल की बजाय 2 साल की

हमीरपुर : हिमाचल प्रदेश सोशल मीडिया कांग्रेस सोशल मीडिया अध्यक्ष व प्रवक्ता ने आज मुख्यमंत्री जयराम सरकार के पुलिस कर्मियों के प्रति सौतेले व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाई और पुलिस कर्मियों को प्रदेश सरकार द्वारा 8 साल की बजाय 2 साल की अवधि पर संशोधित वेतनमान देने की मांग की। लेकिन गत दिवस हुई बैठक में ऐसा कुछ नहीं हुआ जिसके चलते पुलिस वालों ने रोष दिखाते हुए मुख्यमंत्री आवास का घेराव भी किया। प्रदेश सरकार ने आउटसोर्सिंग पॉलिसी और अनुबंध कर्मचारियों के लिए कुछ घोषणाएं जरूर की लेकिन वह सब दूसरे विभागों की झोलियों में गिरी और समाज के सच्चे सेवक हमारे पुलिस वाले आज भी खाली हाथ भटक रहे हैं। सरकार को विधानसभा में इसका स्पष्टीकरण देना होगा। दूसरे प्रदेशों की यदि बात की जाए तो पुलिस को आधुनिक सुविधाएं एवं मूलभूत सभी अधिकार प्रदान किए गए हैं लेकिन हिमाचल प्रदेश में पुलिस वालों की स्थिति बहुत दयनीय है क्योंकि इन्हें न तो नौकरी में अधिकार प्राप्त हैं और न ही अपने अधिकार मांगने की आजादी। 

अभिषेक राणा ने पुलिसकर्मियों की विडंबना को उजागर करते हुए बताया कि प्रदेश के हजारों पुलिसकर्मी आज तनाव के दौर से गुजर रहे हैं क्योंकि नियमित 8 साल सेवा के बाद संशोधित वेतनमान मिलने की आस अब टूटती नजर आ रही है। अपनी जान जोखिम में डालकर दिन रात ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने न सिर्फ अपने परिवारों को छोड़ा बल्कि जन सेवा में जी जान लगा दिया। कोरोना काल में डॉक्टरों के साथ साथ पुलिसकर्मियों का भी बहुत बड़ा योगदान रहा जिन्होंने बेखौफ होकर सड़कों पर जनता की सेवा के लिए दिन गुजारे और सभी प्रकार के कष्टों का सामना भी किया परंतु प्रदेश सरकार ने पुलिस कर्मियों के सभी बलिदानों को और जोखिम भरे कार्यों को अनदेखा कर दिया जो कि जनता के इन सेवकों के साथ अन्याय पूर्ण निंदा पूर्ण कृत्य है। 

कांग्रेस हमेशा से ही पुलिसकर्मियों के अधिकारों और उनकी मूलभूत सुविधाओं के लिए सरकार से गुहार लगाती आई है लेकिन इस बार प्रदेश की भाजपा सरकार ने बाकी विभागों को अनेकों सुविधाएं देते हुए पुलिसकर्मियों के अधिकारों को अनदेखा किया है। अभिषेक राणा ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि जब इस प्रकार के संशोधन दूसरे विभागों में संभव हैं तो पुलिस विभाग में क्यों नहीं। कांग्रेस पुरजोर मांग करती है कि पुलिसकर्मियों की वेतन संशोधन अवधि को 8 से 2 साल किया जाए और विधानसभा में इसके लिए चर्चा की जाए ।
 

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