चम्बा के शिक्षा जगत में बड़ी उपलब्धि, सेंट स्टीफन स्कूल को मिली आई.सी.एस.ई. बोर्ड की मान्यता

Edited By Swati Sharma, Updated: 18 Feb, 2026 02:28 PM

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Chamba News: चम्बा शहर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान सेंट स्टीफन सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। वर्षों के कड़े संघर्ष और समर्पण के बाद, स्कूल को अब आधिकारिक तौर पर आई.सी.एस.ई. बोर्ड से मान्यता मिल गई है। यह चम्बा के...

Chamba News: चम्बा शहर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान सेंट स्टीफन सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। वर्षों के कड़े संघर्ष और समर्पण के बाद, स्कूल को अब आधिकारिक तौर पर आई.सी.एस.ई. बोर्ड से मान्यता मिल गई है। यह चम्बा के विद्यार्थियों के लिए विश्वस्तरीय शिक्षा के नए द्वार खोलेगा।

'स्कूल को सभी मानकों पर खरा पाया गया'

स्कूल के चेयरमैन विशाल स्त्रावला ने आज पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि सेंट स्टीफन स्कूल की नींव 1976 में मंडी में रखी गई थी, जिसके बाद 2004 में इसे चम्बा में शुरू किया गया। शुरुआती दौर में स्कूल किराए के भवन में 11वीं और 12वीं कक्षाओं के साथ संचालित होता था। स्कूल प्रबंधन, समर्पित स्टाफ और अभिभावकों के अटूट सहयोग से संस्थान ने लगातार प्रगति की। वर्ष 2016 में गांव बनियाग में स्कूल का अपना भव्य कैंपस तैयार हुआ और 2017 में स्कूल यहां शिफ्ट हो गया। विशाल ने कहा कि उनका सपना शुरू से ही चम्बा के बच्चों को आई.सी.एस.ई. बोर्ड की शिक्षा देना था। पिछले एक वर्ष से संस्थान ने इस दिशा में कड़ी मेहनत की। आई.सी.एस.ई. के कड़े मानकों को पूरा करने के लिए स्कूल में बड़े बदलाव किए गए, जिनमें आधुनिक परीक्षा हॉल का निर्माण, सभी सुविधाओं से लैस साइंस और कंप्यूटर लैब्स, हाई-टेक पुस्तकालय और बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं शामिल हैं। काउंसिल द्वारा दो बार किए गए गहन निरीक्षण के बाद, स्कूल को सभी मानकों पर खरा पाया गया और मान्यता प्रदान की गई।

'विद्यार्थी पाठ्यक्रम के साथ अपने सपनों को नई उड़ान दे सकेंगे'

विशाल ने बताया कि आई.सी.एस.ई. बोर्ड अपनी उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप पाठ्यक्रम के लिए जाना जाता है। इसमें अंग्रेजी विषय और साहित्य  दो अलग विषय होते हैं, जिससे बच्चों में संचार कौशल और व्याकरण बहुत मजबूत होती है। कक्षा छठी से ही विज्ञान को तीन अलग भागों (फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी) में बांटा जाता है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आधार तैयार करता है। इसके अतिरिक्त कक्षा नवमी से ही विद्यार्थियों को अपनी रुचि के अनुसार विषय (जैसे इकोनॉमिक्स, साइंस आदि) चुनने की आजादी मिलती है। इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए विशाल ने कहा कि यह केवल एक मान्यता नहीं, बल्कि चम्बा के बच्चों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने का एक संकल्प है। अब यहां के विद्यार्थी आधुनिक संसाधनों और वैश्विक पाठ्यक्रम के साथ अपने सपनों को नई उड़ान दे सकेंगे।

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