Edited By Jyoti M, Updated: 23 Feb, 2026 05:13 PM

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन आकांक्षा डोगरा ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण व मध्यस्थता और सुलह परियोजना समिति के मार्गदर्शन में मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 2.0 अभियान चलाया गया है।
सोलन। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन आकांक्षा डोगरा ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण व मध्यस्थता और सुलह परियोजना समिति के मार्गदर्शन में मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 2.0 अभियान चलाया गया है। जिसका लाभ उठाने के लिए 31 मार्च, 2026 तक संबंधित अदालतों में आवेदन किया जा सकता है।
आकांक्षा डोगरा ने कहा कि यह अभियान सोलन जिला के जिला न्यायालयों और अधीनस्थ न्यायालयों में चलाया जा रहा है। इसमें विवाह संबंधित पारिवारिक विवाद, मोटर वाहन चालान मामले, घरेलू हिंसा मामले, चैक बाउंस मामले, वाणिज्यिक विवाद, सेवा मामले, समझौता योग्य आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद, श्रण वसूली के मामले, विभाजन व बेदखली के मुकद्दमे, भूमि अधिग्रहण मामले और अन्य उपयुक्त नागरिक मामलों का निपटारा किया जायेगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनता को विवादों के वैकल्पिक समाधान की ओर प्रेरित करना और काफी समय से लंबित मामलों को निपटाना है।
उन्होंने कहा कि मध्यस्थता एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें पक्षकारों के मध्य एक प्रशिक्षित मध्यस्थ की सहायता से आपसी सहमति से विवाद को सुलझाया जाता है। यह प्रक्रिया गोपनीय, लचीली और कम खर्चीली होती है। उन्होंने सभी जिला वासियों से अपील की है कि वे इस अभियान में भाग लें और अपने लंबित विवादों को सुलझाने के लिए मध्यस्थता प्रक्रिया को अपनाएं। किसी भी प्रकार की जानकारी या कानूनी सहायता के लिए आम नागरिक राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क कर सकते है।