Edited By Kuldeep, Updated: 11 Feb, 2026 07:14 PM

आरएलए सोलन में फर्जी आईडी से वाहनों के पंजीकरण में हुए फर्जीवाड़े में एक निजी टैलीकॉम कंपनी के मोबाइल नंबर व इंटरनैट का इस्तेमाल हुआ है।
सोलन (पाल): आरएलए सोलन में फर्जी आईडी से वाहनों के पंजीकरण में हुए फर्जीवाड़े में एक निजी टैलीकॉम कंपनी के मोबाइल नंबर व इंटरनैट का इस्तेमाल हुआ है। पुलिस ने इस मामले में संलिप्त गिरोह तक पहुंचने के लिए इस टैलीकॉम कंपनी से सभी के आईपी (इंटरनैट प्रोटोकॉल) एड्रैस मांगे हैं। हालांकि कंपनी द्वारा अभी यह एड्रैस नहीं दिए गए हैं। यही कारण है कि पुलिस ने कंपनी को रिमाइंडर भेजा है।
हालांकि पुलिस फिलहाल 3 ट्रालों के पंजीकरण में हुए फर्जीवाड़े की जांच कर रही है। उत्तर प्रदेश के यह 3 ट्राले पहले आरएलए सोलन में पंजीकृत होते हैं, फिर जिला बिलासपुर के आरएलए झंडूता को ट्रांसफर किया था। मामला सामने आने के बाद आरएलए कम एसडीएम सोलन ने सदर थाना सोलन में शिकायत दर्ज की है।
प्रारम्भिक जांच में पता चला है कि यह फर्जीवाड़ा आरएलए सोलन के वाहन पोर्टल से नहीं, बल्कि इसकी फर्जी बनाई गई 2 आईडी से किया गया है। इन तीनों वाहनों के पंजीकरण में जिन माेबाइल फोन नंबर से इंटरनैट का इस्तेमाल हुआ है, वह एक ही टैलीकॉम कंपनी का है। जिनके नाम पर इनके आईपी एड्रैस होंगे, पुलिस उन लोगों से पूछताछ करेगी। हालांकि यह मामला केवल 3 ट्रालों तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि 40 से अधिक वाहनों का पंजीकरण हुआ है।
एएसपी राजकुमार चंदेल ने बताया कि इस मामले में टैलीकॉम कंपनी से मामले से सम्बन्धित आईपी एड्रैस मांगे गए हैं। इसे लेकर कंपनी को पत्र लिखा गया है। पुलिस इस मामले की गहनता के साथ जांच कर रही है।