Edited By Kuldeep, Updated: 24 Nov, 2025 10:18 PM

इस बार नवम्बर माह में 24 दिनों में 92 फीसदी कम मेघ बरसे हैं, जिससे राज्य में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। जहां जनजातीय इलाकों में शीतलहर का प्रकोप चल रहा है, वहीं राज्य के अन्य भागों मैदानी व मध्य इलाकों में भी तापमान में गिरावट आने से शुष्क ठंड...
शिमला (संतोष): इस बार नवम्बर माह में 24 दिनों में 92 फीसदी कम मेघ बरसे हैं, जिससे राज्य में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। जहां जनजातीय इलाकों में शीतलहर का प्रकोप चल रहा है, वहीं राज्य के अन्य भागों मैदानी व मध्य इलाकों में भी तापमान में गिरावट आने से शुष्क ठंड बरकरार है। मौसम विभाग की मानें तो प्रदेश में आगामी सप्ताह भी सूखा व शुष्क ही चला जाएगा और ऐसे में बारिश व बर्फबारी के कोई आसार नहीं नजर आ रहे हैं, जिससे शुष्क ठंड और बढ़ने की संभावनाएं हैं। यानी समूचा माह बिना बारिश के सूखा ही जाने वाला है।
राज्य में 24 दिनों के भीतर सामान्य से औसतन 14.2 मिलीमीटर बारिश होती थी, लेकिन इन दिनों में सिर्फ 1.2 मिलीमीटर ही मेघ बरसे। 30 नवम्बर तक राज्य में मौसम के साफ व शुष्क बने रहने के आसार हैं, जिससे यह माह पूरी तरह से सूखा ही जाने वाला है। राज्य में न्यूनतम ही नहीं, अपितु धूप खिलने के बावजूद अधिकतम तापमान में भी गिरावट आ रही है। ऊना में अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री रहा, जबकि राजधानी शिमला में 15.6 डिग्री रिकार्ड किया गया है।
न्यूनतम तापमान की बात करें तो राज्य के 2 जिलों लाहौल-स्पीति व किन्नौर में पारा शून्य से नीचे माइनस में चला गया है, जिससे यहां प्राकृतिक जलस्रोत भी जमने लगे हैं। ताबो की रात सबसे सर्द रही और यहां पर न्यूनतम तापमान माइनस 6.9 डिग्री रिकार्ड किया गया है। कुकुमसेरी में माइनस 4.8 व कल्पा में माइनस 0.3 डिग्री न्यूनतम तापमान बना हुआ है। केलांग में भी न्यूनतम तापमान माइनस में चला हुआ है।