Edited By Kuldeep, Updated: 11 Mar, 2026 10:52 PM

नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार की तरफ से प्रदेश के मैडीकल कॉलेज में शुरू की गई रोबोटिक सर्जरी के 4 महीने के भीतर फीस लगभग दोगुना हो गई है।
शिमला (ब्यूरो): नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार की तरफ से प्रदेश के मैडीकल कॉलेज में शुरू की गई रोबोटिक सर्जरी के 4 महीने के भीतर फीस लगभग दोगुना हो गई है। उन्होंने कहा कि अटल सुपर स्पैशलिटी अस्पताल चमियाना में जनरल वार्ड के मरीज की जो सर्जरी पहले 30 हजार रुपए में होती थी, उसे बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दिया गया है। इसी तरह स्पैशल वार्ड के मरीजों से 80 हजार रुपए लिए जा रहे हैं। जयराम ठाकुर ने शिमला से जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री ने बुधवार को आईजीएमसी से मीडिया से बातचीत में कहा कि अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी के लिए जनरल वार्ड के मरीजों से 30 हजार रुपए और स्पैशल वार्ड के मरीजों से 50 हजार रुपए लिए जाएंगे। ऐसे में सवाल उठता है कि एक ही शहर में स्थित 2 सरकारी अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी के लिए 2 तरह की फीस क्यों ली जा रही है? उन्होंने कहा कि यह वित्तीय नियमों के भी अनुकूल नहीं है या फिर आईजीएमसी में भी रोबोटिक सर्जरी की फीस सरकार बहुत जल्दी बढ़ाना चाहती है।
उन्होंने कहा कि तमाम दस्तावेजों के आधार पर यह बात सामने आई है कि हर रोबोटिक सर्जरी मशीन के साथ-साथ सरकार की तरफ से लगभग 200 सर्जरी के लिए कंज्यूमेबल्स आइटम्स भी खरीदे गए थे। इसमें से ज्यादातर आइटम एक बार ही प्रयोग में आती है, जिससे स्पष्ट है कि 200 सर्जरी के संसाधन प्रत्येक रोबोट के साथ हैं। इसके बाद रोबोटिक सर्जरी में इस्तेमाल होने वाले कंज्यूमेबल्स खरीदने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि डाक्टरों के अनुसार प्रति सर्जरी ऐसे कंज्यूमेबल्स का ही खर्च 1 लाख रुपए से डेढ़ लाख रुपए होगा। ऐसे में मुख्यमंत्री स्पष्ट करें कि आगे जब रोबोट के साथ आए सभी कंज्यूमेबल्स खत्म हो जाएंगे, तब भी रोबोटिक सर्जरी के दाम वही रहेंगे? उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने बहुत पहले ही यह बात स्पष्ट की थी कि रोबोटिक सर्जरी हिमकेयर के दायरे में नहीं आएगी।
उन्होंने कहा कि 4 महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन सरकार की तरफ से ऐसा कोई शासकीय पत्र इस संबंध में जारी नहीं किया गया है, जिसकी वजह से प्रदेश की 90 फीसदी आबादी जो हिमकेयर अथवा आयुष्मान के दायरे में आती है, उसे इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में हिमकेयर के तहत न तो लोगों को इलाज मिल रहा है और न ही समय पर दवाएं। इसका कारण है कि सरकार द्वारा अस्पतालों को दवाएं और सर्जिकल आइटम उपलब्ध कराने वाले वैंडर्स को हिमकेयर का भुगतान नहीं किया जा रहा है। ऐसे में आने वाले समय में रोबोटिक सर्जरी के कंज्यूमेबल्स की आपूर्ति और भुगतान के लिए सरकार द्वारा किए जाने वाले प्रावधान के बारे में मुख्यमंत्री को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।