Edited By Kuldeep, Updated: 17 Jul, 2024 07:32 PM

प्रदेश में अब मानसून जोर पकड़ेगा। ऐसे में सरकार की तरफ से पर्यटकों को लेकर एक एडवाइजरी जारी की गई है।
शिमला (राक्टा): प्रदेश में अब मानसून जोर पकड़ेगा। ऐसे में सरकार की तरफ से पर्यटकों को लेकर एक एडवाइजरी जारी की गई है। इसके माध्यम से पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों व भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के पास न जाने की सलाह दी गई है। वहीं ट्रैफिक, टूरिस्ट एवं रेलवे (टीटीआर) पुलिस भी पर्यटकों को जागरूक कर रही है। पर्यटकों को बताया जा रहा है कि पहाड़ी इलाकों में यात्रा करते समय मौसम और सड़क की पूरी जानकारी जुटा लेनी चाहिए। साथ ही स्थानीय प्रशासन द्वारा प्रदान की गई सलाह का पालन करना चाहिए।
भारी बारिश और धुंध के चलते कई दफा विजिबिलिटी कम हो जाती है, ऐसे में वाहन चलाते समय पूरी सावधानी बरतें। मानसून में नदी-नालों का जलस्तर भी बढ़ जाता है, इसलिए पर्यटकों को नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी गई है। कई दफा देखने को मिल चुका है कि पर्यटक सैल्फी लेने के लिए नदी-नालों के पास चलते जाते हैं, जिससे अनहोनी का खतरा बना रहता है। प्रशासन ने बाकायदा नदी-नालों के किनारे साइन बोर्ड भी लगाए हैं, ऐसे में कहा गया है कि सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
ड्रोन से रखी जा रही नजर
प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर ट्रैफिक गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन का भी सहारा लिया जा रहा है। इसके साथ ही पर्यटक नदी-नालों के पास न जाएं, उस पर भी नजर रखी जा रही है। जिला स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं, ताकि हर स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
सर्वेक्षण में यह आ चुका है सामने
टीटीआर जिलावार सड़क दुर्घटनाओं का लेकर एक सर्वे भी कर रहा है। शिमला और किन्नौर में हुए सर्वे में पाया गया है कि कई पर्यटकों को पहाड़ी इलाकों में ड्राइविंग के अनुभव की कमी होती है। इससे संकीर्ण और अंधे मोड़ों पर वाहन चलाते समय उन्हें चुनौतियां पैदा होती हैं, जिससे सड़क हादसे का खतरा बना रहता है। इसके साथ शराब का सेवन भी सड़क हादसों का मुख्य कारण उभर कर सामने आया है।