Edited By Kuldeep, Updated: 03 Jan, 2026 10:08 PM
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचली उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए हिम ब्रांड नाम को प्रमोट कर रही है ताकि हिमाचली उत्पादों की अलग पहचान सुनिश्चित हो सके और वह देशभर में लोकप्रिय हो उनकी अलग पहचान बने।
शिमला (संतोष): मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचली उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए हिम ब्रांड नाम को प्रमोट कर रही है ताकि हिमाचली उत्पादों की अलग पहचान सुनिश्चित हो सके और वह देशभर में लोकप्रिय हो उनकी अलग पहचान बने। यह बात उन्होंने रिज मैदान शिमला में हिम-एमएसएमई फैस्ट 2026 के शुभारंभ अवसर पर कही। उन्होंने कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया तथा विभिन्न उद्यमियों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न उद्यमियों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का शुभारम्भ और अवलोकन किया तथा इनमें गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि यह फैस्ट केवल एक प्रदर्शनी नहीं, अपितु प्रदेश के हजारों छोटे उद्यमियों, कारीगरों और नवोदित उद्यमों के लिए अवसरों का सशक्त मंच है। यह आयोजन मेड इन हिमाचल ब्रांड को प्रोत्साहित करते हुए ग्रामीण, पारंपरिक एवं स्थानीय एमएसएमई उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने में सहायक होगा।
यह फैस्ट हिमाचल प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि एमएसएमई प्रदर्शन संवर्धन एवं तीव्रता कार्यक्रम प्रदेश के उद्यमों को क्षमता निर्माण, वित्तीय सहायता तथा बाजार तक पहुंच प्रदान कर वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार का लक्ष्य हिमाचल प्रदेश को देश का सबसे समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाना है तथा हिम एम.एस.एम.ई. फैस्ट इस संकल्प को मजबूती प्रदान करता है। इस उत्सव के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ा जाएगा और निवेशकों के साथ प्रत्यक्ष संवाद स्थापित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि फैस्ट के अंतर्गत एमएसएमई के हरितकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे प्रदूषण में कमी, ऊर्जा दक्षता में वृद्धि तथा परिपत्र अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कारीगरों द्वारा हाथ से बनाई गई शॉल के आज के प्रदर्शन को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला है जो प्रदेश के लिए गर्व की बात है, जिससे हिमाचली उत्पादों को वैश्विक पहचान मिली है। फैस्ट नवाचार, निवेश और नवीन विचारों के संगम का मंच है, जिससे प्रदेश में स्टार्टअप नवोदित उद्यम संस्कृति को नई ऊर्जा मिलेगी। आयोजन के दौरान महिला उद्यमिता और एक जिला एक उत्पाद योजना पर विशेष फोकस किया जाएगा। महिला उद्यमियों के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें संपर्क निर्माण तथा अनुभव सांझा करने के अवसर उपलब्ध होंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा बीते तीन वर्षों में दुबई, जापान और मुंबई जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में निवेशकों के साथ बैठकें आयोजित की गई हैं, जिसके परिणामस्वरूप 5,000 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रतिबद्धता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, 14,000 करोड़ रुपए की 683 औद्योगिक परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे लगभग 32,000 लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में एमएसएमई को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार को 1,642 करोड़ रुपए के प्रस्ताव भेजे गए हैं, जिनमें से अब तक 109 करोड़ 34 लाख रुपए स्वीकृत हो चुके हैं। गत तीन वर्षों में प्रदेश में 107 स्टार्टअप प्रारंभ किए जा चुके हैं तथा 407 स्टार्टअप स्थापना की प्रक्रिया में है। उन्होंने फैस्ट में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आयोजन प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र को बाजार, निवेश और आधुनिक प्रौद्योगिकी से जोड़कर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में मील का पत्थर सिद्ध होगा।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए तीन दिन चलने वाले फैस्ट में आयोजित गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस महिला उद्यमियों से संवाद सत्र का भी आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए इस फैस्ट के दौरान ग्रीन मोबिलिटी, डिफैंस, फार्मास्यूटिकल, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, कृत्रिम मेधा, इलैक्ट्रॉनिक चिप और डाटा सैंटर जैसे क्षेत्रों प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि इसके अंतर्गत प्रसिद्ध औद्योगिक घरानों के साथ रणनीतिक संवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.डी. नजीम ने प्रदेश में स्टार्टअप, उद्योग के विकास और विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। डिवैल्पमैंट कमिश्नर फॉर एमएसएमई मंत्रालय भारत सरकार, डा. रजनीश ने प्रदेश में एमएसएमई को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की। आयुक्त उद्योग डा. यूनुस ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और फैस्ट के बारे में जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश में उद्योग के विकास और संबंधित गतिविधियों के बारे में भी अवगत करवाया।
इस अवसर पर उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक मलेन्द्र राजन और विवेक शर्मा, शिमला नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान, राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष डा. एसपी कत्याल, मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान, पार्षद नगर निगम शिमला और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।