Edited By Kuldeep, Updated: 05 Apr, 2025 07:00 PM

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार वन संरक्षण को रोजगार से जोड़ रही है। उन्होंने कहा कि वन विभाग के पास इस समय प्रदेश में लगभग 450 विश्राम क्षेत्र हैं, जिन्हें सरकार के ईको टूरिज्म पहल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पर्यटकों के लिए उपलब्ध...
शिमला (ब्यूरो): मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार वन संरक्षण को रोजगार से जोड़ रही है। उन्होंने कहा कि वन विभाग के पास इस समय प्रदेश में लगभग 450 विश्राम क्षेत्र हैं, जिन्हें सरकार के ईको टूरिज्म पहल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पर्यटकों के लिए उपलब्ध करवाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए ईको टूरिज्म साइट्स को चयनित कर उनका आबंटन करने की प्रक्रिया चल रही है। अब तक 7 ईको टूरिज्म साइट्स आबंटित की गई हैं। इसके अलावा 78 नई ईको टूरिज्म साइट्स की आबंटन प्रक्रिया शीघ्र ही आरम्भ कर दी जाएगी। यह बात उन्होंने शनिवार को शिमला के ठियोग के सरा गड़ाकुफर में 1.60 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले वन विश्राम गृह का शिमला से वर्चुअली शिलान्यास करने के अवसर पर संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि सरा गड़ाकुफर में पर्यटन और ईको पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इस क्षेत्र की प्रकृति को निहारने के लिए हर वर्ष भारी संख्या में पर्यटक यहां आते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में पर्यटन विकास की अपार संभावनाओं के बावजूद सरा गड़ाकुफर के लगभग 25 किलोमीटर के दायरे में कोई भी विश्राम गृह की सुविधा नहीं है। इस क्षेत्र में कई प्रसिद्ध मंदिर भी हैं, लेकिन श्रद्धालुओं के विश्राम व रात्रि ठहराव के लिए पर्याप्त सुविधा नहीं है, जिसे देखते हुए सरकार ने इस स्थान पर वन विश्राम गृह खोलने का निर्णय लिया है। इस विश्राम गृह के बनने से इस क्षेत्र में पर्यटन को पंख लगेंगे और स्थानीय एवं बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को भी सुविधा प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 2 वर्षों में इस योजना के तहत 600 हैक्टेयर बंजर चोटियों व पहाड़ियों पर पौधारोपण किया गया।
इस कार्य में स्थानीय लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि बजट 2025-26 में राजीव गांधी वन संवर्धन योजना आरम्भ करने की घोषणा की है, जिसके लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत युवक मंडलों, महिला मंडलों और स्वयं सहायता समूूहों द्वारा 1 से 5 हैक्टेयर की बंजर वन भूमि पर फलदार पौधे रोपित किए जाएंगे और 5 वर्षों तक उनका रखरखाव भी करेंगे। इन मंडलों व समूहों को प्रथम वर्ष में पौधारोपण और बाड़ लगाने के लिए 2.40 लाख रुपए की धनराशि दी जाएगी और हर वर्ष इनके रखरखाव के लिए भी धनराशि प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, हिमाचल प्रदेश को-ऑप्रेटिव बैंक के अध्यक्ष देवेन्द्र श्याम, अतिरिक्त मुख्य सचिव केके पंत, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, पीसीसीएफ (हॉफ) समीर रस्तोगी सहित अन्य गण्यमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
पर्यटन और बागवानी को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही सरकार: राठौर
ठियोग में उपस्थित विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का इस वन विश्राम गृह के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन और बागवानी को बढ़ावा देने के लिए निरन्तर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि नारकंडा में आईस स्केटिंग रिंक का निर्माण करने के लिए 3.50 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं, वहीं यूनिवर्सल कार्टन की शुरूआत ने सेब बागवानों के शोषण को रोका है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सरकार के साथ खड़ी है और मिलकर हिमाचल प्रदेश को आगे ले जाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि भाजपा के षड्यन्त्रों का मिलकर जवाब दिया जाएगा।