सावधान! फर्जी व्हाट्सएप CBI गैंग सक्रिय, सीबीआई ने किया सचेत

Edited By Kuldeep, Updated: 03 Dec, 2025 06:08 PM

shimla fake cbi gang active

सैंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वैस्टिगेशन (सीबीआई) ने चेतावनी जारी की है कि साइबर अपराधी व्हाट्सएप, वीडियो कॉल, ई-मेल और फर्जी नंबरों से खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर लोगों को ठग रहे हैं।

शिमला (राक्टा): सैंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वैस्टिगेशन (सीबीआई) ने चेतावनी जारी की है कि साइबर अपराधी व्हाट्सएप, वीडियो कॉल, ई-मेल और फर्जी नंबरों से खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर लोगों को ठग रहे हैं। ऐसे गिरोह लोगों को झूठी सीबीआई जांच में फंसाने का डर दिखाकर पैसे की मांग कर रहे हैं। जारी एडवाइजरी के अनुसार यह संगठित गैंग फर्जी सम्मन, नकली गिरफ्तारी वारंट, बनावटी नोटिस और एआई से तैयार किए गए दस्तावेज लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए भेजते हैं। संबंधित फर्जी कागजातों पर नकली सीबीआई लोगो, जाली हस्ताक्षर और एडिट की गई डिजिटल पहचान लगाई जाती है। सामने आया है कि साइबर ठग अब डीपफेक ऑडियो और वीडियो का भी इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे ठगी के लिए आरोपियों द्वारा बुना गया जाल असली लगता है।

ऐसे में कई लोग नियमों की जानकारी न होने के कारण बड़ी रकम गंवा भी चुके हैं। वहीं सीबीआई की जारी चेतावनी के बाद प्रदेश साइबर पुलिस व अन्य एजैंसियां भी आम लोगों को जागरूक करने में जुटी हुई हैं। जारी चेतावनी के अनुसार साइबर ठग डराने और धमकाने वाले संदेश भेजते हैं, जैसे की आप सीबीआई जांच के दायरे में आए हैं। आपका आधार और बैंक खाता अपराध में शामिल पाया गया है। यदि पैसे नहीं देंगे तो आपको गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

इन्हें मुख्य रूप से बना रहे निशाना
ठग मुख्य रूप से बुजुर्ग, अकेली महिलाओं, छात्र, नौकरीपेशा लोगों, डिजिटल जानकारी कम रखने वाले लोगों को निशाना बना रहे हैं। सामने आया है कि कई गिरोह अंतर्राज्यीय व विदेशी नैटवर्क से संचालित होते हैं। ऐसे में इस तरह के गिरोह को रोकने में जनता का सहयोग और जागरूक होना बेहद आवश्यक है।

जनता के लिए संदेश
सीबीआई कभी व्हाट्सएप पर नोटिस या सम्मन नहीं भेजती है। कोई भी सी.बी.आई. अधिकारी पैसे नहीं मांगता। सीबीआई फोन पर गिरफ्तारी की धमकी नहीं देती है। ऐसे में यदि कोई संदेश आए तो जवाब मत दें। कोई पेमैंट न करें। सीधे आधिकारिक सीबीआई नंबर या नजदीक के थाने में जाकर संपर्क करें।

क्या बोले, एएसपी नरवीर सिंह राठौर
एएसपी स्टेट साइबर क्राइम एवं विजीलैंस नरवीर सिंह राठौर बताते हैं कि सीबीआई बनकर की जाने वाली ठगी में मानसिक रूप से दबाव बनाने वाले साइबर अपराधी हैं। ठग राष्ट्रीय एजैंसियों के नाम का दुरुपयोग कर जनता में भय पैदा करते हैं। कई बार लोग पहले ही संदेश में डरकर मिनटों में पैसा गंवा देते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश साइबर पुलिस ऐसे गिरोह पर कड़ी नजर रख रही है। कोई भी सीबीआई, पुलिस या सरकारी अधिकारी ऑनलाइन पैसे नहीं मांगता। यदि ऐसी कॉल आए तो तुरंत फोन काट दें और 1930 नंबर पर शिकायत करें।

 

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