कोरोना मामले कम होने पर ही खुलेंगे मंदिर : जयराम

Edited By Kuldeep, Updated: 08 Jun, 2020 09:37 PM

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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि राज्य में कोरोना के मामले कम होने पर ही मंदिरों को खोलने का निर्णय लिया जाएगा।

शिमला (कुलदीप): मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि राज्य में कोरोना के मामले कम होने पर ही मंदिरों को खोलने का निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, जिस कारण मंदिरों को नहीं खोलने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री यहां पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में परिवहन व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने पर विचार करेगी। प्रदेश में निजी बस आप्रेटरों के बसों को नहीं चलाए जाने को लेकर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि इस सिलसिले में परिवहन मंत्री निजी बस आप्रेटरों से बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार बातचीत के माध्यम से उनकी समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री ने सऊदी अरब में कोरोना संक्रमित हिमाचल प्रदेश के युवक की मौत को लेकर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में कहा कि इस सिलसिले में परिजनों से बातचीत की जाएगी। उन्होंने कहा कि युवक का परिवार जो चाहेगा, उसके आधार पर सरकार कदम उठाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि बाहरी देशों में फंसे लोगों को वापस लाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार होटल मालिकों से बातचीत करेगी। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों को सुनने के बाद निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण कोई भी आदमी नहीं बचा है, जिसे नुक्सान न हुआ हो। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि दिव्यांग कर्मचारियों को कार्यालय आने में परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि उनको कार्यालय में बुलाने या छूट देने पर सरकार जल्द फैसला करेगी।

एस.डी.एम. की रिपोर्ट के बाद खुलेंगे मंदिर-शक्तिपीठों के कपाट
हिमाचल के प्रसिद्ध शक्तिपीठों व मंदिरों में दर्शनों के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। देश के अन्य राज्यों में सोमवार को भले ही मंदिरों को खोल दिया गया है लेकिन हिमाचल में अभी इनको खोलने के लिए राज्य सरकार खाका तैयार कर रही है। प्रसिद्ध शक्तिपीठों श्री बज्रेश्वरी, श्री चामुंडा देवी, ज्वालाजी, ङ्क्षचतपूर्णी, नयना देवी तथा बैजनाथ सहित अन्य मंदिरों को लेकर संबंधित उपमंडलाधिकारियों को कार्ययोजना तैयार करने के लिए कहा गया है। एस.डी.एम. द्वारा तैयार की जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर ही मंदिरों को खोला जाएगा। जिससे कि मंदिरों में कोविड-19 प्रोटोकॉल की भी पालना सुनिश्चित करवाई जा सके। इतना ही नहीं मंदिरों को खोलने से पहले प्रशासन द्वारा मंदिर अधिकारियों, कर्मचारियों तथा पुजारियों को भी प्रशिक्षण प्रदान करेगा।

श्रद्धालुओं के प्रवेश को लेकर भी अलग-अलग समय निर्धारित किया जाएगा
डी.सी. कांगड़ा राकेश प्रजापति ने बताया कि जिला कांगड़ा में प्रमुख धार्मिक स्थलों, शक्तिपीठ मंदिरों को खोलने से पहले कोविड-19 के प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए कार्य योजना तैयार करने के निर्देश एस.डी.एम. को दिए गए हैं। मंदिरों में किसी तरह की भीड़ एकत्रित नहीं हो इसके लिए भी मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश को लेकर भी अलग-अलग समय निर्धारित किया जाएगा। साथ ही मंदिरों में श्रद्धालुओं का प्रवेश तथा बाहर निकलने के लिए भी अलग-अलग रास्ते निर्धारित करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला के ज्वालामुखी मंदिर, बज्रेश्वरी मंदिर, चामुंडा मंदिर, बगलामुखी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ ज्यादा रहती है तथा इन मंदिरों में कोविड-19 के प्रोटोकॉल की अनुपालना पर ज्यादा फोक्स रहेगा। डी.सी. ऊना संदीप कुमार ने कहा कि मंदिरों को खोलने के लिए प्रदेश सरकार के आदेशों के बाद ही खोला जाएगा। मंदिरों में पुजारियों, कर्मचारियों तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी पूरी व्यवस्था करने को लेकर रूप रेखा तैयार की जा रही है। बिलासपुर के डी.सी. राजेश्वर गोयल ने कहा कि मंदिरों को खोलने के लिए प्रशासन द्वारा गाइडलाइन तैयार की जा रही है। जिला में श्री नैना देवी सहित अन्य मंदिरों को सरकार के आदेशों के बाद ही खोला जाएगा। प्रशासन द्वारा गाइडलाइन के तहत ही मंदिरों में श्रद्धालुओं के प्रवेश सहित पूजा-अर्चना की अन्य गतिविधियों को पूरा करवाया जाएगा। कोविड-19 संक्रमण न फैले इसके लिए भी सुरक्षा के पूरे बंदोस्त किए जाएंगे।

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