Shimla: CBSE स्कूलों में सेवारत नियमित शिक्षकों को ही मिले सेवा का मौका

Edited By Kuldeep, Updated: 25 Dec, 2025 04:52 PM

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हिमाचल प्रदेश सरकार ने 100 स्कूलों को सीबीएसई बोर्ड के अधीन लाने का निर्णय लिया है और अब इन स्कूलों में काम कर रहे शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में भेजे जाने की तैयारी की जा रही है।

शिमला (ब्यूरो): हिमाचल प्रदेश सरकार ने 100 स्कूलों को सीबीएसई बोर्ड के अधीन लाने का निर्णय लिया है और अब इन स्कूलों में काम कर रहे शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में भेजे जाने की तैयारी की जा रही है। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रांत अध्यक्ष विनोद सूद ने कहा कि पहले सरकार ने मौजूदा पाठशालाओं में सेवा कर रहे शिक्षकों की ही सेवाओं को सीबीएसई स्कूलों में लेने का फैसला लेने की बात कही थी, लेकिन अब सरकार इन स्कूलों में नए शिक्षकों की भर्ती करने की योजना बना रही है। इससे शिक्षकों में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।

प्रांत मीडिया प्रमुख शशि शर्मा ने कहा कि सभी पाठशालाओं में कार्यरत शिक्षक भी इस बात से आश्वस्त थे कि उन्हें इन स्कूलों में पढ़ाने का मौका दिया जाएगा, लेकिन अब सरकार के द्वारा इन स्कूलों में केवल 5 वर्षों के लिए नए शिक्षकों की नियुक्ति की योजना बनाई जा रही है। इससे शिक्षक अपने भविष्य को लेकर चिंतित हो गए हैं। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ की समस्त प्रांत और जिला इकाइयों के अध्यक्ष महामंत्री और सदस्यों ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव से आग्रह किया है कि इन 100 स्कूलों में सेवारत शिक्षकों और प्रदेश के सभी शिक्षकों को सीबीएसई बोर्ड में अपनी सेवाओं का अवसर दिया जाए।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के शिक्षक सभी प्रकार की काबिलियत रखते हैं, जो सीबीएसई बोर्ड में चाहिए। यदि कोई कमी हो तो अनिवार्य ट्रेनिंग के माध्यम से भी उसको पूरा किया जा सकता है, लेकिन मौजूदा शिक्षकों को पूरी तरह से दरकिनार करना तर्कसंगत और न्याय संगत नहीं है। अगले सत्र से सीबीएसई बोर्ड की कक्षाएं इन पाठशालाओं में चलना अनिवार्य होगा। ऐसे में संघ के पदाधिकारियों ने सरकार से इस विषय पर जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया है।

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