Edited By Swati Sharma, Updated: 28 Mar, 2026 06:10 PM

Shimla News : हिमाचल प्रदेश सरकार ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों में राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) राजस्व में लगातार वृद्धि दर्ज की है और इस साल जनवरी तक कुल एसजीएसटी संग्रह लगभग 16,169 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। झंडूता के विधायक जे.आर. कटवाल और...
Shimla News : हिमाचल प्रदेश सरकार ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों में राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) राजस्व में लगातार वृद्धि दर्ज की है और इस साल जनवरी तक कुल एसजीएसटी संग्रह लगभग 16,169 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। झंडूता के विधायक जे.आर. कटवाल और बिलासपुर के विधायक त्रिलोक जामवाल के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में एसजीएसटी के आंकड़े प्रस्तुत किए, जो कर संग्रह में लगातार वृद्धि को दर्शाते हैं। यह राज्य में बेहतर अनुपालन और आर्थिक गतिविधियों का संकेत है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य सरकार को पिछले तीन वित्तीय वर्षों (जनवरी 2026 तक) में एसजीएसटी राजस्व के रूप में कुल 16,169.44 करोड़ रुपए प्राप्त हुए हैं। साल-दर-साल जीएसटी के आंकड़ों से पता चलता है कि 2023-24 में राज्य ने 5,339.89 करोड़ रुपए जमा किए। इसके बाद 2024-25 में इसमें बढ़ोतरी हुई और यह बढ़कर 5,816.61 करोड़ रुपए हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 में, राज्य को अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक की अवधि के लिए अब तक 5,012.94 करोड़ रुपये मिले हैं। ये आंकड़े जीएसटी राजस्व में लगातार बढ़ोतरी दिखाते हैं, जो राज्य में बेहतर संग्रह और आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी को दर्शाता है। उत्पाद शुल्क राजस्व के मामले में, 2022-23 के दौरान, एक अप्रैल 2022 से 11 दिसंबर 2022 तक, राज्य को 1,502.40 करोड़ रुपये का उत्पाद शुल्क राजस्व मिला।
राज्य की वित्तीय मजबूती में मिला योगदान
वहीं, 12 दिसंबर 2022 के बाद से 31 मार्च 2023 तक, 720.06 करोड़ रुपए और जमा किए गए। वित्त वर्ष 2023-24 में, राज्य ने उत्पाद शुल्क राजस्व के तौर पर 2,631.30 करोड़ रुपये कमाए, जिसमें 408.84 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो 18.40 प्रतिशत की वृद्धि है। वर्ष 2024-25 में उत्पाद शुल्क राजस्व 2,776.41 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 145.11 करोड़ रुपये, या 5.51 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाता है। वहीं, 2025-26 में (1 अप्रैल, 2025 से 19 मार्च, 2026 तक), राज्य ने उत्पाद शुल्क राजस्व के तौर पर 2,746.54 करोड़ रुपये जमा किए। इस अवधि के लिए बढ़ोतरी का जिक्र नहीं किया गया है, क्योंकि वित्तीय वर्ष अभी भी चल रहा है। कुल मिलाकर, जीएसटी और उत्पाद शुल्क राजस्व दोनों में लगातार बढ़ोतरी का रुझान दिखा, जिससे राज्य की वित्तीय मज़बूती में काफी योगदान मिला।
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