Edited By Vijay, Updated: 12 Feb, 2026 06:19 PM

हिमाचल प्रदेश के युवाओं में सेना के प्रति जज्बा और देशसेवा का जुनून एक बार फिर देखने को मिला है। मंडी जिला की ग्राम पंचायत चोलथरा के गांव दिगोह के रहने वाले साहिल ठाकुर ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए भारतीय सेना में लैफ्टिनैंट के पद पर जगह बनाई...
शिमला/मंडी (संतोष): हिमाचल प्रदेश के युवाओं में सेना के प्रति जज्बा और देशसेवा का जुनून एक बार फिर देखने को मिला है। मंडी जिला की ग्राम पंचायत चोलथरा के गांव दिगोह के रहने वाले साहिल ठाकुर ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए भारतीय सेना में लैफ्टिनैंट के पद पर जगह बनाई है। साहिल की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। साहिल ठाकुर ने सर्विस सिलैक्शन बोर्ड द्वारा आयोजित चयन परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देशभर में 16वां स्थान हासिल किया है। इस कड़ी परीक्षा को पास करने के बाद अब वह भारतीय सेना में बतौर लैफ्टिनैंट अपनी सेवाएं देंगे। उनकी ट्रेनिंग जल्द ही ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में शुरू होगी।
एमएनसी की नौकरी छोड़ पिता की राह चुनी
साहिल के पिता कुलदीप ठाकुर वर्तमान में भारतीय सेना में सूबेदार मेजर के पद पर सेवारत हैं, जबकि माता सुमन ठाकुर गृहिणी हैं। साहिल ने सोलन की जेपी यूनिवर्सिटी ऑफ इंफॉर्मेशन टैक्नोलॉजी से बीटैक (कम्प्यूटर साइंस इंजीनियरिंग) की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उनका चयन एक मल्टीनैशनल कंपनी में हुआ, जहां उन्हें लाखों रुपए का पैकेज मिला, लेकिन बचपन से मेधावी रहे साहिल के मन में देशसेवा का जुनून था। उन्होंने लाखों के पैकेज वाली कॉर्पोरेट नौकरी को छोड़कर अपने पिता के नक्शेकदम पर चलने का फैसला किया और सेना की वर्दी को चुना।
परिजनाें और गुरुजनाें काे दिया सफलता का श्रेय
साहिल की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल ग्रेहो से हुई, जबकि जमा-2 की पढ़ाई उन्होंने डीपीएस डल्हौजी से की। अपनी इस शानदार सफलता का श्रेय साहिल ने अपने माता-पिता, दादा स्वर्गीय गोविंद राम, दादी ब्रह्मी देवी, भाई सार्थक ठाकुर, ताया पवन कुमार और अपने गुरुजनों को दिया है। साहिल की इस उपलब्धि पर उनके गांव और रिश्तेदारों में खुशी की लहर है और उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।