स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित पुस्तकों का ही प्रयोग करेंगे निजी शिक्षण संस्थान

Edited By prashant sharma, Updated: 13 Mar, 2021 11:40 AM

private institutions will use only books prescribed by education board

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्धता प्राप्त निजी शिक्षण संस्थान स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित प्रकाशित पाठ्यपुस्तकों से ही विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे। निजी शिक्षण संस्थान बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यपुस्तकों का प्रयोग करने संबंधी...

धर्मशाला (नवीन) : हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्धता प्राप्त निजी शिक्षण संस्थान स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित प्रकाशित पाठ्यपुस्तकों से ही विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे। निजी शिक्षण संस्थान बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यपुस्तकों का प्रयोग करने संबंधी एफिडेविट भी देंगे। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड समय≤ पर संबद्धता प्राप्त निजी शिक्षण संस्थानों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करता है। बोर्ड द्वारा निर्धारित पुस्तकें एन.सी.ई.आर.टी. वेस्ड ही होती हैं। स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा ली जाने वाली परीक्षाओं में प्रश्न पत्र बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम में से ही प्रकाशित किए जाते हैं। स्कूल शिक्षा बोर्ड आगामी शैक्षणिक सत्र के दौरान निजी शिक्षण संस्थानों का निरीक्षण भी करेगा। इस निरीक्षण में देखा जाएगा कि बोर्ड द्वारा निर्धारित पुस्तकों के अतिरिक्त कोई अन्य पुस्तकें प्रयोग में तो नहीं लाई जा रही है। यदि ऐसा पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई निजी शिक्षण संस्थान के खिलाफ की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि ऐसी कई शिकायतें प्राप्त होती हैं जिनमें निजी शिक्षण संस्थान निजी प्रकाशकों द्वारा मुद्रितध्प्रकाशित की जाने वाली पाठ्यपुस्तकों को कक्षाओं में छात्रों को पढ़ाई के लिए बाध्य करते हैं। इन पुस्तकों का पाठ्यक्रम बोर्ड द्वारा अनुमोदित पाठ्यक्रम के अनुरुप नहीं होता है और इन पुस्तकों के दाम भी बोर्ड द्वारा प्रकाशित पुस्तकों की तुलना में अधिक होता है। बोर्ड की मानें तो स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित पुस्तकों को ही पढ़ाई में प्रयोग में ला सकते हैं और किसी दूसरे निजी प्रकाशक की पुस्तकों का प्रयोग नियमों के तहत मान्य नहीं है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डाॅ. सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि बोर्ड से संबद्धता प्राप्त निजी शिक्षण संस्थान स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारितध्प्रकाशित पाठ्यपुस्तकों से ही विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे। निजी शिक्षण संस्थानों को बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यपुस्तकों का प्रयोग करने संबंधी एफिडेविट देने के लिए भी कहा गया है। निजी शिक्षण संस्थानों का निरीक्षण भी आगामी शैक्षणिक सत्र के दौरान किया जाएगा। बोर्ड द्वारा निर्धारित पुस्तकें प्रयोग न करने पर निजी शिक्षण संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
 

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