Edited By Vijay, Updated: 25 Feb, 2026 07:48 PM

मंडी जिला के कोटली क्षेत्र की नीलम की संदिग्ध मौत के मामले में न्याय की मांग अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुकी है। बुधवार को मंडी शहर में इस प्रकरण को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ।
मंडी (रजनीश): मंडी जिला के कोटली क्षेत्र की नीलम की संदिग्ध मौत के मामले में न्याय की मांग अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुकी है। बुधवार को मंडी शहर में इस प्रकरण को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठाते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। समाजसेवी भास्कर ठाकुर और अनुपमा सिंह के नेतृत्व में पड्डल मैदान से रैली निकाली गई। इसके बाद कार्यालय के बाहर अपनी आवाज बुलंद की और डीसी और एएसपी मंडी को ज्ञापन सौंपा।
मृतका का भाई बोला-बहन को पहले भी किया जाता था प्रताड़ित
नीलम के भाई राम चंद्र ने पीजीआई चंडीगढ़ के दिनों को याद करते हुए भावुक बयान दिया। उन्होंने कहा कि मैं 9 दिनों तक अस्पताल में नीलम के साथ था। उसने इशारों में साफ बताया था कि उसके पति ने उस पर पैट्रोल छिड़क कर आग लगाई है। राम चंद्र ने यह भी बताया कि ससुराल पक्ष से कोई भी अंतिम संस्कार में नहीं आया, जो उनके व्यवहार पर सवाल खड़े करता है। पहले भी नीलम को प्रताड़ित किया जाता था और पुलिस और पंचायत में भी मामला गया था जहां पर दोनों परिवारों में समझौता हुआ था। नीलम के जेठ ने खुलासा किया कि उन्हें शुरूआत में बताया गया था कि नीलम ने जहर खाया है, लेकिन जब वह मौके पर पहुंचे तो वह बुरी तरह झुलसी हुई थी।
डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान हुई नोकझोंक
प्रदर्शन के दौरान उस समय असहज स्थिति पैदा हो गई जब डीसी कार्यालय की तरफ जा रहे पन्ना लाल मैमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष राजेश कपूर डीसी को ज्ञापन सौंपने जा रहे थे तो साथ जा रही समाजसेवी भास्कर ठाकुर और अनुपमा सिंह के लोगों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। एक पक्ष के व्यक्ति ने दूसरे गुट की महिलाओं पर पैसे लेकर प्रदर्शन में शामिल होने का आरोप लगाया। इस पर महिलाएं भड़क गईं और उन्होंने स्पष्ट किया कि वे नीलम को न्याय दिलाने आई हैं, न कि किसी के बहकावे में। इस हंगामे के कारण काफी देर तक डीसी कार्यालय के बाहर गहमागहमी बनी रही। डीसीकार्यालय के बाहर एक दर्जन पुलिस जवान तैनात रहे।
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