Sirmour: बूंद-बूंद को तरसे 400 लोग, 3 माह से गहराया जल संकट, ग्रामीणों ने दी धरना-घेराव की चेतावनी

Edited By Kuldeep, Updated: 19 Feb, 2026 06:19 PM

paonta sahib khajuridhar drinking water crisis

उपमंडल कफोटा के अंतर्गत आने वाले खजूरीधार में पिछले करीब 3 महीनों से पेयजल संकट गहराता जा रहा है। लगभग 40-45 परिवारों और करीब 400 की आबादी (मवेशियों सहित) वाला यह क्षेत्र पानी की अनियमित और कम दबाव वाली सप्लाई से जूझ रहा है।

पांवटा साहिब (कपिल): उपमंडल कफोटा के अंतर्गत आने वाले खजूरीधार में पिछले करीब 3 महीनों से पेयजल संकट गहराता जा रहा है। लगभग 40-45 परिवारों और करीब 400 की आबादी (मवेशियों सहित) वाला यह क्षेत्र पानी की अनियमित और कम दबाव वाली सप्लाई से जूझ रहा है। हालात ऐसे हैं कि सप्ताह में महज दो से तीन दिन, वह भी मुश्किल से 30 मिनट लो-प्रैशर से पानी मिल पाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा।

2 लिफ्टों पर टिकी सप्लाई, बिजली गई तो पानी भी गायब
ग्रामीणों के अनुसार खजूरीधार को नेडा खड्ड से 2 लिफ्टों के माध्यम से पानी की आपूर्ति होती है। यही स्टोर टैंक मीनलबाग, पाटनी और भटाड़ गांवों के लिए भी इस्तेमाल होता है, जो खजूरी टॉप पर स्थित है। यदि दोनों लिफ्टें सही चलें और बिजली बाधित न हो, तभी सीमित आपूर्ति संभव हो पाती है। रविवार को लिफ्ट ऑप्रेटर व वाटर गार्ड की छुट्टी होने पर पानी नहीं मिलता। यदि किसी ऑप्रेटर की छुट्टी हो या बिजली आपूर्ति बाधित हो जाए तो पूरे क्षेत्र की सप्लाई ठप्प हो जाती है। ऊपरी खजूरी के 2 हिस्सों में बंटे होने के कारण पानी का दबाव और कम हो जाता है।

मुख्य लाइन से अवैध डबल कनैक्शन का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि कुछ लोगों ने मुख्य लाइन से बिना गेट वाल्व और फेरुल के डबल कनैक्शन जोड़ रखे हैं, जिससे अंतिम घरों तक पानी नहीं पहुंच पाता। इसके अलावा स्टोरेज टैंक छोटा और जर्जर है। ग्रामीणों ने मांग की है कि लिफ्ट की क्षमता बढ़ाई जाए। नया व बड़ा स्टोरेज टैंक बनाया जाए। प्रत्येक घर के कनैक्शन की फील्ड जांच की जाए। पानी वितरण के लिए निर्धारित फिक्स प्वाइंट तय किए जाएं।

निचली खजूरी की उम्मीद भी अधूरी
ग्रामीणों के अनुसार निचली खजूरी के लिए बोराड खड्ड से कफोटा होकर आने वाली दूसरी पेयजल योजना के तहत गृह रक्षा विभाग कार्यालय के पास नया स्टोर टैंक प्रस्तावित है। ग्रामीणों ने इसके लिए भूमि भी उपलब्ध करवाई है। विभाग ने ठेकेदार को काम सौंपा, लेकिन 4 महीने बाद भी केवल 3-4 फुट गड्ढा खोदकर कार्य रोक दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह टैंक बन जाए तो निचली खजूरी की बड़ी समस्या हल हो सकती है। फिलहाल 3 वितरण प्वाइंट बनाए गए हैं, जिनमें एक प्वाइंट से लगभग 10 घर जुड़े हैं, लेकिन एक समय में 4-5 घरों को ही पानी मिल पाता है। नतीजतन एक घर को सप्ताह में सिर्फ 2 दिन पानी नसीब हो रहा है।

शिकायतें बेअसर, ग्रामीणों में रोष
खजूरी निवासी कल्याण सिंह, सुरेंद्र पुंडीर, रमेश शर्मा (पूर्व सैनिक), जय प्रकाश, धनबीर पुंडीर, ब्रह्मानंद, हृदय पुंडीर सहित धनों देवी, मीरा देवी, आशा देवी और सुनीता देवी ने समस्या को गंभीर बताते हुए कहा कि पानी की कमी से घर-गृहस्थी, मवेशियों और साफ-सफाई के कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार सहायक अभियंता व कनिष्ठ अभियंता को मौखिक व लिखित शिकायत दी गई, फोन पर भी अवगत करवाया गया, लेकिन हर बार स्टाफ की कमी, मशीनों की खराबी या बिजली बाधित होने का हवाला दिया जाता है।

क्या कहते हैं एसडीओ?
इस बारे में जल शक्ति विभाग उपमंडल कफोटा के एसडीओ वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि उठाऊ पेयजल योजना में आई तकनीकी दिक्कत को ठीक करवा दिया गया है। वहीं टैंक निर्माण में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा गया है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!