Edited By Kuldeep, Updated: 21 Jan, 2026 07:57 PM

पूर्व मंत्री विपिन सिंह परमार ने आरोप लगाया कि 3 वर्षों में हिमाचल को देश का नंबर-वन स्वास्थ्य राज्य बनाएंगे का नारा विकास नहीं, भ्रम है। यह नीति नहीं, जनता को गुमराह किया जा रहा है।
पालमपुर (भृगु): पूर्व मंत्री विपिन सिंह परमार ने आरोप लगाया कि 3 वर्षों में हिमाचल को देश का नंबर-वन स्वास्थ्य राज्य बनाएंगे का नारा विकास नहीं, भ्रम है। यह नीति नहीं, जनता को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री द्वारा किए जा रहे ये दावे कि 3 वर्षों में हिमाचल स्वास्थ्य क्षेत्र में देश का नंबर-1 राज्य बनेगा, सफेद झूठ, भ्रामक प्रचार और जमीनी हकीकत से कोसों दूर राजनीतिक बयानबाजी के अलावा कुछ नहीं हैं। यह वही सरकार है जिसने सत्ता में आते ही भाजपा कार्यकाल में शुरू की गईं गरीब-कल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं को या तो जानबूझ कर कमजोर किया या व्यवहारिक रूप से बंद कर दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि यदि कांग्रेस सरकार सच में स्वास्थ्य में नंबर-1 बनने के प्रति गंभीर होती तो पहले से चल रहीं जन-कल्याणकारी योजनाओं को मजबूत करती। यह नंबर-1 नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था का पतन है। वहीं प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना ने हिमाचल के लाखों गरीब परिवारों को 5 लाख रुपए तक का पूरी तरह कैशलैस इलाज उपलब्ध करवाया। अस्पतालों के भुगतान अटके हुए हैं, निजी अस्पताल योजना से बाहर हो रहे हैं और गरीब मरीज फिर से अपनी जेब से खर्च करने को मजबूर हैं। परमार ने दावा किया कि भाजपा के डबल इंजन मॉडल के तहत लगभग 4.5 लाख लोगों का मुफ्त इलाज किया गया व जुलाई 2022 तक 463 करोड़ रुपए से अधिक स्वास्थ्य पर खर्च किए गए।