Mandi: गोहर में 67 पहुंचा पीलिया के मरीजों का आंकड़ा, अधिकांश की उम्र 15 साल से कम

Edited By Vijay, Updated: 31 Jan, 2026 07:50 PM

number of jaundice patients in gohar has reached 67

गोहर उपमंडल में पीलिया का प्रकोप अब जानलेवा बन चुका है। एक युवक की मौत के बाद अब तक 67 लोग इस खतरनाक बीमारी की चपेट में आ चुके हैं।

गोहर (ख्यालीराम): गोहर उपमंडल में पीलिया का प्रकोप अब जानलेवा बन चुका है। एक युवक की मौत के बाद अब तक 67 लोग इस खतरनाक बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। अधिकांश मरीज 15 साल से कम उम्र के बच्चे हैं। मौत के बाद लोग अब अस्पतालों की ओर भाग रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या इतनी देर से जागा प्रशासन समय रहते जाग जाता? स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। उनका सीधा आरोप है कि जल शक्ति विभाग ने पीने के पानी को लेकर पूरी तरह लापरवाही बरती। जहां से पानी सप्लाई हो रहा है, वह बिना किसी फिल्टर के सीधे घरों तक पहुंचाया जा रहा है। फिल्टर टैंक तो बने हैं, लेकिन सालों से बिना पानी के सफेद हाथी बने हुए हैं। भंडारण टैंकों की सफाई कई महीनों से नहीं हुई। 

विभागीय नियमों के मुताबिक हर 15 दिन में पानी की सैंपलिंग और 3-6 महीने में टैंकों की सफाई अनिवार्य है, लेकिन यहां तो सैंपलिंग रिपोर्ट कभी सार्वजनिक नहीं की जाती। अगर पानी में बैक्टीरिया पाया भी जाता है तो कोई चेतावनी बोर्ड तक नहीं लगाया जाता, बस लोगों को पानी पीने को मजबूर किया जाता है। जब प्रभावित इलाकों का दौरा किया और ग्रामीणों से बात की तो जल शक्ति विभाग की टीम भी हरकत में आ गई। रिपोर्टर पहुंचते ही मजदूर टैंकों से गंदगी साफ करने में जुट गए। मौके पर ब्लीचिंग छिड़काव और सैंपलिंग के बड़े-बड़े बोर्ड तो लगे हैं, लेकिन उन पर सफाई की तारीख या रिपोर्ट का कोई जिक्र नहीं। विभाग अब सक्रिय दिख रहा है, लेकिन सवाल उठता है कि मौत होने के बाद ही क्यों जागे? जल शक्ति विभाग मंडल बग्गी के अधिशासी अभियंता कृष्ण कुमार शर्मा ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि पानी के स्रोत, भंडारण टैंकों की तत्काल सफाई और नियमित ब्लीचिंग सुनिश्चित की जाए। 

इसी बीच एसडीएम गोहर देवी राम ने शनिवार को बैठक बुलाई, जिसमें स्वास्थ्य विभाग, जल शक्ति विभाग और आशा वर्कर्स को सख्त हिदायत दी गई कि पीलिया के फैलने के असली कारणों की तह तक पहुंचें। स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर मरीजों की तलाश कर रही हैं। लोगों को सख्त सलाह दी जा रही है कि उबला हुआ पानी ही पिएं, ताजा खाना खाएं, घर व आसपास की सफाई रखें। एसडीएम ने लोगों से अपील की है कि लक्षण दिखते ही झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें, सीधे अस्पताल पहुंचें। समय पर इलाज से रोग को आसानी से काबू किया जा सकता है। उधर, बीएमओ बगस्याड़ डाॅ. राकेश रोशन भारद्वाज ने बताया कि मरीजों की संख्या 42 से 67 पहुंच गई है, जिनमें 3 अस्पताल में उपचाराधीन हैं, जबकि 17 मरीज ठीक हो गए हैं।

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