सॉफ्टवेयर तैयार, अब प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री के लिए घर बैठे ऑनलाइन कर सकेंगे आवेदन

Edited By Vijay, Updated: 20 Sep, 2021 12:03 AM

now will be able to apply online for property registry sitting at home

हिमाचल में प्रॉपर्टी की ऑनलाइन रजिस्ट्री शुरू कर दी गई है। अब प्रदेशवासी अपने घर बैठे ही रजिस्ट्री के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। राज्य सरकार ने नागपुर स्थित नैशनल इन्फॉर्मेशन सैंटर से सॉफ्टवेयर तैयार करवाया है, जिस पर जमीन, मकान इत्यादि की...

शिमला (हेटा): हिमाचल में प्रॉपर्टी की ऑनलाइन रजिस्ट्री शुरू कर दी गई है। अब प्रदेशवासी अपने घर बैठे ही रजिस्ट्री के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। राज्य सरकार ने नागपुर स्थित नैशनल इन्फॉर्मेशन सैंटर से सॉफ्टवेयर तैयार करवाया है, जिस पर जमीन, मकान इत्यादि की रजिस्ट्री के लिए ऑनलाइन अप्लाई करना होता है। इसकी खास बात यह है कि रजिस्ट्री के लिए दिन और टाइम का निर्धारण रजिस्ट्री करवाने वाला व्यक्ति स्वयं भी कर सकता है। इतना ही नहीं यदि लोग सॉफ्टवेयर पर परफॉर्मा भरने में सक्षम है तो रजिस्ट्री से पहले उन्हें डॉक्यूमैंट राइटर के पास जाने की भी जरूरत नहीं है।

सॉफ्टवेयर पर ऐसे कर पाएंगे रजिस्ट्री

सॉफ्टवेयर पर स्वयं रजिस्ट्री टाइप करके इसे अपलोड करना होता है। ई-स्टैंप ड्यूटी से लेकर जमीन की रजिस्ट्री से जुड़े सभी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होते हैं। नई व्यवस्था के तहत रजिस्ट्री के लिए यदि लोग दिन और टाइम का चयन खुद नहीं करते तो तहसील ऑफिस से रजिस्ट्री के लिए दिन और टाइम फिक्स किया जाएगा और रजिस्ट्री का काम तय दिन व समय पर करना होगा। रजिस्ट्री के वक्त चंद मिनटों के लिए लोगों को स्वयं तहसील ऑफिस आना होगा। इस दौरान खरीददार, बेचने वाले और दो गवाह की फोटो के लिए दफ्तर आना होता है। इससे रजिस्ट्री करवाने के लिए लोगों को बार-बार तहसील दफ्तर आने की जरूरत नहीं रहेगी।

पहले की तरह नहीं खाने पड़ेंगे धक्के, समय की होगी बचत

मौजूदा व्यवस्था के मुताबिक रजिस्ट्री से पहले लोगों को जमाबंदी, ततीमा इत्यादि निकालना पड़ता है। इसके बाद तहसील ऑफिस में डॉक्यूमैंट राइटर से रजिस्ट्री लिखानी होती है। फिर डॉक्यूमैंट राइटर ई-स्टैंप ड्यूटी और रजिस्ट्री फीस जमा करने के लिए ई-चालान देते हैं, जिसे बैंक में जमा कराना होता है। इसके बाद तहसील ऑफिस में तब रजिस्ट्री हो पाती है जब तहसीलदार या नायब तहसीलदार दफ्तर में मिलेंगे। इस बीच कई घंटे और दिन बीत जाते हैं। ऑनलाइन रजिस्ट्री शुरू होने के बाद लोगों को पहले की तरह धक्के नहीं खाने पड़ेंगे और उनके समय की बचत होगी। इसी तरह यदि डॉक्यूमैंट राइटर से लोग रजिस्ट्री लिखवाते हैं तो उसे अपलोड करने तक की पूरी जिम्मेदारी उसी की होगी।

इंतकाल भी ऑनलाइन किए जाने का प्रावधान

सॉफ्टवेयर में इंतकाल भी ऑनलाइन किए जाने का प्रावधान है, लेकिन इस प्रावधान को अभी लागू नहीं किया गया है। इस पर सरकार कुछ विचार कर रही है। इसे भी जल्द लागू किया जा सकता है। इंतकाल ऑनलाइन हो जाने के बाद लोगों को कई महीनों और साल के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वर्तमान में सैंकड़ों इंतकाल ऐसे भी जो 5 से 8 साल बाद भी ऑनलाइन नहीं हो पाए हैं।

पासपोर्ट की तर्ज पर तत्काल रजिस्ट्री का भी प्रावधान

सॉफ्टवेयर में तत्काल रजिस्ट्री करवाने का भी प्रावधान है। हालांकि यह प्रावधान अभी शिमला शहरी और कुमारसैन में ही प्रयोग के आधार पर लागू किया गया है। इसके लिए रजिस्ट्री करवाने वाले व्यक्ति को अतिरिक्त फीस देने का प्रावधान किया गया है। इसके बाद वह व्यक्ति पासपोर्ट की तर्ज पर ऑनलाइन रजिस्ट्री करने का प्रावधान है।

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