Edited By Swati Sharma, Updated: 14 Feb, 2026 02:29 PM

Himachal Desk: हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा जिले के गग्गल की रहने वाली डॉ. मनु शर्मा राज्य की पहली महिला रेटिना विशेषज्ञ बनी हैं, जिन्हें उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक और पेशेवर उपलब्धियों के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है।
Himachal Desk: हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा जिले के गग्गल की रहने वाली डॉ. मनु शर्मा राज्य की पहली महिला रेटिना विशेषज्ञ बनी हैं, जिन्हें उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक और पेशेवर उपलब्धियों के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है।
दिल्ली में मिला स्वर्ण पदक
डॉ. शर्मा ने विट्रियोरेटिनल सर्जरी की उप-विशेषता में ऑल इंडिया ऑप्थल्मोलॉजिकल सोसाइटी की की फेलोशिप के लिए उत्तीर्ण कर स्वर्ण पदक प्राप्त किया। वर्तमान में वह स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, चंडीगढ़ से विट्रियोरेटिनल सर्जरी में एमसीएच (मास्टर ऑफ सर्जरी) की पढ़ाई कर रही हैं। एआईओएस द्वारा आयोजित दीक्षांत समारोह 1 फरवरी को नयी दिल्ली में आयोजित किया गया। इस अवसर पर भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने डॉ. शर्मा को गोल्ड मेडल एवं फेलोशिप प्रमाणपत्र प्रदान किया। समारोह में देशभर के कई प्रतिष्ठित नेत्र रोग विशेषज्ञ उपस्थित रहे, जिनमें एआईओएस कॉलेजियम बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. ललित वर्मा, अध्यक्ष डॉ. पार्थ बिस्वास और महासचिव डॉ. संतोष होनावर शामिल थे। इसके अतिरिक्त, डॉ. शर्मा ने 5-6 फरवरी को हांगकांग में एशिया-प्रशांत नेत्र विज्ञान अकादमी द्वारा आयोजित सम्मेलन में‘बेस्ट फोटो प्रतियोगिता'में प्रथम स्थान प्राप्त कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल
डॉ. मनु शर्मा हिमाचल प्रदेश की पहली महिला रेटिना गोल्ड मेडलिस्ट बनने का गौरव हासिल कर चुकी हैं, जिससे कांगड़ा जिले और पूरे प्रदेश में गर्व का माहौल है। अपने संबोधन में डॉ. शर्मा ने कहा कि डिग्री पूरी करने के बाद वह हिमाचल प्रदेश में ही सेवाएं देंगी और प्रदेश में उन्नत नेत्र चिकित्सा सेवाओं को मजबूत बनाने में योगदान देंगी।