Edited By Vijay, Updated: 30 Aug, 2025 02:42 PM

पठानकोट-चम्बा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार को दिनभर वाहनों की आवाजाही सामान्य रही, लेकिन जैसे ही रात हुई ताे मौसम ने अचानक करवट ली और तेज बारिश ने पूरे इलाके को प्रभावित कर दिया।
तुनुहट्टी (संजय): पठानकोट-चम्बा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार को दिनभर वाहनों की आवाजाही सामान्य रही, लेकिन जैसे ही रात हुई ताे मौसम ने अचानक करवट ली और तेज बारिश ने पूरे इलाके को प्रभावित कर दिया। रात करीब 10 बजे के बाद कटोरी बंगला से लेकर लाहड़ तक कई स्थानों पर पहाड़ाें से भारी मात्रा में मलबा, बड़े-बड़े पत्थर और पेड़ सड़क पर गिर गए। इस वजह से मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया और वाहनों की आवाजाही रुक गई।
इस मार्ग पर यात्रा कर रहे लोगों को रातभर अपने वाहनों में ही इंतजार करना पड़ा। विशेष रूप से मणिमहेश यात्रा से लौट रहे श्रद्धालु, जो चम्बा से पठानकोट की ओर जा रहे थे, इस आपदा से सबसे अधिक प्रभावित हुए। कटोरी बंगला, केरू पहाड़, पंजपुला और लाहड़ जैसे संवेदनशील इलाकों में सड़क पर गिरे मलबे ने लोगों को घंटों तक वाहन में बैठे रहने को मजबूर कर दिया। कई यात्रियों ने बताया कि रात के अंधेरे में न तो कोई सहायता मिली और न ही कोई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध था।
शनिवार सुबह जैसे ही विभाग को मार्ग बंद होने की सूचना मिली ताे मशीनरी और कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया। भारी बारिश के बीच कर्मचारियों ने अथक प्रयास कर सुबह पांच बजे तक मार्ग को आंशिक रूप से बहाल कर दिया, लेकिन राहत की यह कोशिश ज्यादा देर टिक नहीं सकी। तुनुहट्टी और नैनीखड्ड के बीच हटली नामक स्थान पर अचानक 10 से 12 पेड़ गिर गए, जिससे सड़क एक बार फिर अवरुद्ध हो गई। इस स्थान पर भी वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने कट्टर की सहायता से पेड़ों को काटा और जेसीबी मशीनों की मदद से उन्हें हटाया गया। करीब एक घंटे की मेहनत के बाद मार्ग को फिर से खोल दिया गया और वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकी।