Edited By Vijay, Updated: 19 Mar, 2026 11:51 AM

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के उपमंडल गोहर में पीलिया का जानलेवा प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस जानलेवा बीमारी ने एक बार फिर अपना कहर बरपाते हुए एक नई नवेली दुल्हन को निगल लिया।
गोहर/चैलचौक (ख्यालीराम/योगेंद्र): हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के उपमंडल गोहर में पीलिया का जानलेवा प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस जानलेवा बीमारी ने एक बार फिर अपना कहर बरपाते हुए एक नई नवेली दुल्हन को निगल लिया। नैहरा पंचायत के रौड़ी गांव की रहने वाली शानिया पत्नी सौरव ने बुधवार देर रात पीजीआई चंडीगढ़ में दम तोड़ दिया। इसी के साथ क्षेत्र में पीलिया से मरने वालों की संख्या बढ़कर 2 हो गई है, जबकि संक्रमितों का आंकड़ा 234 को पार कर चुका है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। बीमारी की चपेट में आने से लेहोटी निवासी 28 वर्षीय उदित शर्मा 30 जनवरी को अपनी जान गंवा चुका है।
एक हफ्ते पहले दिखे थे लक्षण, नेरचौक से किया गया था रैफर
जानकारी के अनुसार, शानिया बासा महाविद्यालय में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। उसकी शादी कुछ ही महीने पहले हुई थी। करीब एक सप्ताह पहले उसमें पीलिया के लक्षण दिखाई दिए, जिसके बाद परिजनों ने उसे तुरंत सिविल अस्पताल गोहर में भर्ती कराया। हालत में कोई सुधार न होने पर डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज नेरचौक रैफर कर दिया। वहां भी उसकी बिगड़ती सेहत पर काबू नहीं पाया जा सका, जिसके चलते उसे पीजीआई चंडीगढ़ ले जाना पड़ा, जहां डॉक्टरों के भरसक प्रयासों के बावजूद उसने अंतिम सांस ली। उधर, इस मामले पर बीएमओ बगस्याड़ डॉ. राकेश रोशन ने बताया कि शानिया को 13 मार्च को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसकी तबीयत सुधार आने पर उसे डिस्चार्ज कर दिया गया था, लेकिन अचानक तबीयत बिगड़ने पर वह 16 मार्च को फिर से अस्पताल में दाखिल हुई। नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे नेरचौक रेफर किया गया, जहां से उसे पीजीआई चंडीगढ़ भेजा गया। डॉ. रोशन ने पुष्टि करते हुए कहा कि गोहर में पीलिया से अब तक दो लोगों की मौत हुई है। लगातार बढ़ते मामलों और अब एक और मौत ने स्थानीय लोगों में प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के प्रति गुस्सा भर दिया है।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर फूटा लोगों का गुस्सा
पीलिया से हुई दूसरी मौत के बाद पूरे गोहर क्षेत्र में दहशत के साथ-साथ भारी गुस्से का माहौल है। लोगों का आरोप है कि हालात बेकाबू होने के बावजूद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहे हैं। 234 से अधिक मरीजों के साथ यह बीमारी अब महामारी का रूप लेती जा रही है। क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से तुरंत प्रभावी कदम उठाने की मांग की है ताकि इस बीमारी पर जल्द से जल्द काबू पाया जा सके और किसी और की जान न जा सके।
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