Edited By Swati Sharma, Updated: 22 Mar, 2026 06:52 PM

Shimla News : हिमाचल प्रदेश के जनजातीय विकास एवं राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने रविवार को कहा कि किन्नौर स्थित शिपकी ला दर्रे के जरिए भारत-तिब्बत व्यापार इस साल जून से फिर शुरू होने के लिए तैयार है। इसे कोविड महामारी के कारण 2020 में स्थगित कर दिया...
Shimla News : हिमाचल प्रदेश के जनजातीय विकास एवं राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने रविवार को कहा कि किन्नौर स्थित शिपकी ला दर्रे के जरिए भारत-तिब्बत व्यापार इस साल जून से फिर शुरू होने के लिए तैयार है। इसे कोविड महामारी के कारण 2020 में स्थगित कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि सुरक्षा चिंताओं और अन्य कारकों के चलते पहले कई प्रतिबंध लागू थे, जिससे पर्यटक और व्यापारी इन क्षेत्रों तक नहीं पहुंच पा रहे थे।
'रोजगार सृजन की उम्मीद'
जगत सिंह नेगी ने कहा कि पाबंदियों में ढील और व्यापार फिर से शुरू होने से किन्नौर और आसपास के क्षेत्रों में वाणिज्य को बढ़ावा मिलने और रोजगार सृजन की उम्मीद है। नेगी ने 'पीटीआई वीडियो' को बताया कि पारंपरिक व्यापार कई वर्षों से अधर में लटका हुआ था और स्थानीय व्यापारिक संघ व संगठन इसे फिर से शुरू करने की मांग कर रहे थे। उन्होंने उम्मीद जताई कि मौसम की स्थिति में सुधार होते ही जून में व्यापारिक गतिविधियां फिर से शुरू हो जाएंगी। नेगी ने केंद्र सरकार से कैलाश-मानसरोवर यात्रा की सुविधा के लिए शिपकी ला दर्रे की सड़क को विकसित करने का भी आग्रह किया।
'आसान और छोटी हो जाएगी यात्रा'
जनजातीय विकास एवं राजस्व मंत्री ने कहा कि केवल 3-4 किलोमीटर का संपर्क बनाने से यात्रा आसान और छोटी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि कैलाश-मानसरोवर हिंदू, बौद्ध और जैन धर्म के अनुयायियों के लिए बहुत महत्व रखता है और इस मार्ग को खोलने से साहसिक पर्यटन तथा पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि होगी।
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