Edited By Vijay, Updated: 14 Nov, 2025 02:23 PM

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी अपनी उन्नत तकनीक से देश की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। संस्थान ने न केवल भारतीय सेना को अपनी ड्रोन तकनीक से सशक्त किया है....
मंडी (रजनीश): भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी अपनी उन्नत तकनीक से देश की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। संस्थान ने न केवल भारतीय सेना को अपनी ड्रोन तकनीक से सशक्त किया है, बल्कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य के लिए एक उन्नत आपदा चेतावनी प्रणाली भी विकसित की है, जो अब भूकंप की भी प्रारंभिक सूचना देगी।
आईआईटी के 13वें दीक्षांत समारोह के बाद संस्थान के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा ने यह जानकारी सांझा की। उन्होंने बताया कि आईआईटी मंडी ने इसी वर्ष मई में भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए 'ऑप्रेशन सिंदूर' के लिए 10 उन्नत ड्रोन भेजे थे। प्रो. बेहरा ने इस पर गर्व जताते हुए कहा कि संस्थान की ड्रोन टैक्नोलॉजी लैब नित नए आयाम छू रही है और अब यह रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन के साथ मिलकर भारत को तकनीकी रूप से और सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है।
भूस्खलन के साथ अब भूकंप की भी मिलेगी पूर्व सूचना
निदेशक ने संस्थान की एक और प्रमुख उपलब्धि, अर्ली वार्निंग सिस्टम, का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि आईआईटी मंडी द्वारा विकसित यह सिस्टम अब और बेहतर तरीके से काम कर रहा है। पहले यह सिस्टम केवल भूस्खलन की चेतावनी देता था, लेकिन अब इसे अपग्रेड कर दिया गया है, जिससे यह भूकंप की भी प्रारंभिक जानकारी प्रदान करने में सक्षम होगा। यह तकनीक हिमाचल प्रदेश जैसे भूकंप और भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील राज्य के लिए वरदान साबित हो सकती है।
आपदा प्रबंधन शोध को मिली 20 करोड़ की वित्तीय मदद
प्रो. बेहरा ने यह भी बताया कि संस्थान के आपदा प्रबंधन और जलवायु नियंत्रण केंद्र को टाटा ट्रस्ट से 20 करोड़ रुपए का अनुदान प्राप्त हुआ है। इस राशि का उपयोग हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन व भूकंप की घटनाओं पर गहन शोध, भूकंप रोधी भवनों और पुलों के निर्माण की तकनीक विकसित करने तथा अन्य आपदा प्रबंधन संबंधित कार्यों पर किया जाएगा। आईआईटी मंडी की ये उपलब्धियां साबित करती हैं कि संस्थान न केवल अकादमिक शिक्षा और अनुसंधान में उत्कृष्टता हासिल कर रहा है, बल्कि अपनी अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा और जन-कल्याण के कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभा रहा है।